देवबंद (सहारनपुर)। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण न कराए जाने को लेकर साधु संतों में केंद्र सरकार के प्रति लगातार नाराजगी बढ़ रही है। मंगलवार को महाकालेश्वर ज्ञान मंदिर आश्रम के संस्थापक स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती ने कहा कि राम मंदिर न बनने से दारुल उलूम व उसके समर्थक मुंह चिढ़ा रहे हैं। मंदिर न बनना भाजपा और दूसरे राजनीतिक दलों के लिए एक कलंक है।
स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती ने कहा कि राष्ट्रभक्त लोग जिस भावना को पूरे देश में बड़ी बड़ी सभा करके जगा रहे हैं, उस भावना की पूर्ति भी करें। राष्ट्र निर्माण और संगठित विकास के लिए सबका साथ सबका विकास यह तभी संभव होगा जब राम मंदिर का निर्माण होगा। अगर राम मंदिर का निर्माण नहीं होता है तो दारुल उलूम और उसके समर्थक मुंह चिढ़ाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति में चाहे बीजेपी हो, कांग्रेस या फिर सपा बसपा जो खुद के राष्ट्रहित में होने का दम भरते हैं यह इस मुद्दे को राजनीतिक मुद्दा न बनाएं। यदि इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया गया तो देश का विध्वंस हो जाएगा। इसलिए सभी दल मिलकर जल्द से जल्द प्रस्ताव लाएं और राम मंदिर का निर्माण कराएं। देश की जनता भी यही चाहती ही है। कहा कि इस मामले में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट पर निर्भर न रहें, राम मंदिर का निर्माण नहीं होता तो इससे बीजेपी को ही नहीं बल्कि पूरे देश को नुकसान होगा। अभी तक राम मंदिर न बनना भारतीय जनता पार्टी और दूसरे दलों के लिए कलंक है।