नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर में कूड़े के अंबार लग गए हैं। दो दिन से कर्मचारियों ने काम नहीं किया। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक लद्दावाला का डलावघर शुरू नहीं हो जाता, काम नहीं किया जाएगा। सफाई कर्मियों ने कूड़ा उठाने वाले वाहनों को भी नहीं निकलने दिया। दिन भर अधिकारियों की मौजूदगी में कई बार वार्ता हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
लद्दावाला में स्थितडलावघर को स्थानीय निवासियों ने खत्म कर दिया है। इसके विरोध में सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी। आरोप है कि वहां कूड़ा डालने गए सफाई कर्मियों से दुर्व्यवहार किया गया। जब तक आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती और डलावघर को शुरू नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। दो दिन की हड़ताल में शहर में जहां-तहां कूड़े के अंबार लग गए हैं। डलावघरों में कूड़ा सड़क पर फैल गया है। प्रतिदिन शहर से करीब 150 टन कूड़ा निकलता है।
मोहल्लों और घरों से इकट्ठा कूड़े को नगर में बनाए गए 43 डलावघरों में डाला जाता है। यहां से पालिका के वाहन कूड़ा उठाकर किदवईनगर में बने कूड़ा निस्तारण प्लांट में पहुंचाते हैं। दो दिन से सफाई कर्मचारियों से कूड़ा उठाने वाले वाहनों को भी नहीं निकलने दिया। जिससे डलावघरों का कूड़ा भी नहीं उठाया। इससे नगर में हालात खराब होते जा रहे हैं। जहां-तहां सड़कों के किनारे और मोहल्लों में कूड़ा पड़ा हुआ है।
मंगलवार को दोपहर बाद चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल, एडीएम वित्त एवं राजस्व आलोक कुमार, ईओ अमित कुमार सिंह तथा नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. रविंद्र राठी की मौजूदगी में सफाई कर्मचारी संघ नगर पालिका के अध्यक्ष राजेश ऊंटवाल, महामंत्री राजू वैध एवं अन्य सफाई कर्मचारियों से वार्ता हुई। इसके बावजूद कोई सकारात्मक हल नहीं निकल सका। संघ के अध्यक्ष राजेश ऊंटवाल का कहना है कि अधिकारी वार्ड सभासदों का पक्ष ले रहे हैं। जब तक लद्दावाला का डलावघर शुरू नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
धरना दिए बैठे रहे लद्दावाला के निवासी
लद्दावाला में स्थित डलावघर को खत्म करने के बाद मोहल्लेवासियों ने इस स्थान को झंडा चौक का नाम दे दिया है। यहां से रास्ता खोलकर वन वे व्यवस्था लागू कर दी गई है। मंगलवार को भी मोहल्ले के महिला-पुरुष दिन भर इस स्थान पर धरना दिए बैठे रहे। वार्ड 36 के सभासद हाजी इरफान के साथ धरने पर बैठे आरएन वर्मा एडवोकेट, बिल्लू, मुस्तकीम खान, शाहनूर अंसारी, मुकेश पाल, उमेंद्र, बालकराम, विजय लक्ष्मी, जानकी, पुष्पा, शबाना, हाशमी बेगम, ऋतु, हरजीत कौर, दिव्य पाल, अमीर बानो आदि का कहना है कि वह किसी भी सूरत में इस स्थान पर पुन: डलावघर शुरू नहीं होने देंगे। मोहल्ले में गंदगी के कारण जीना मुहाल हो रहा था। वह किसी का विरोध नहीं कर रहे। केवल स्वच्छता की बात कर रहे हैं। डलावघर हटने से वन-वे व्यवस्था लागू हो गई है। इससे यहां लगने वाला जाम भी समाप्त हो गया है। किसी भी सूरत में डलावघर शुरू नहीं होने दिया जाएगा।