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दूसरे के स्थान पर मौलवी की परीक्षा देते दो छात्र पकड़े

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मौलवी की परीक्षा देते दो फर्जी छात्र पकड़े
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मुजफ्फरनगर।
उप्र मदरसा शिक्षा परिषद की ओर से संचालित बोर्ड परीक्षा में जैन इंटर कॉलेज के दो छात्र अपने साथी छात्रों के स्थान पर मौलवी की परीक्षा देते हुए पकड़े गए। प्रधानाचार्य की ओर से पकड़े गए दोनों आरोपियों के अलावा उन छात्रों के खिलाफ भी शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है, जिसके स्थान पर ये दोनों परीक्षा दे रहे थे। पुलिस ने चारों के खिलाफ धोखाधड़ी और परीक्षा अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत कर पकड़े गए दोनों आरोपी छात्रों का चालान कर दिया।
इन दिनों उप्र मदरसा शिक्षा परिषद की ओर से बोर्ड परीक्षाएं कराई जा रही है। मदरसा बोर्ड परीक्षा कराने के लिए शहर समेत जिले में चार परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। मीनाक्षी चौक स्थित जैन इंटर कॉलेज भी परीक्षा केंद्र है। शनिवार सुबह आठ बजे की पाली में मौलवी का पेपर था। इस केंद्र पर दो मुन्नाभाई छात्र अपने साथी छात्रों के स्थान पर परीक्षा देने पहुंच गए। केंद्र व्यवस्थापक एवं प्रधानाचार्य दिनेश कुमार जैन ने टीम के साथ जांच की तो कमरा नंबर दस में दोनों छात्रों सलमान पुत्र हारुन निवासी वाजिदपुर कवाली, जानसठ और उजैर पुत्र मुसाहिद निवासी मौहल्ला सराफान, खतौली को दूसरे छात्रों के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़ लिया। पुलिस बुला कर दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया। प्रधानाचार्य ने इस संबंध में शहर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। बताया कि मौलवी की परीक्षा में पंजीकृत छात्र सादिक उल अमीन निवासी सरवट के स्थान पर सलमान तथा शाबिद पुत्र अमीर आलम निवासी खतौली के स्थान पर उजैर परीक्षा देते हुए पकड़े गए हैं। पुलिस ने प्रधानाचार्य की ओर से उक्त चारों छात्रों के खिलाफ धारा 419 ,420 और 3 परीक्षा अधिनियम 1982 के तहत मुकदमा दर्ज- करके पकड़े गए सलमान और उजैर का चालान कर दिया।
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दोस्तों की मदद करने के फेर में फंसे
मुजफ्फरनगर। दोस्तों की मदद करने के फेर में दोनों छात्र फंस गए। दोनों को यह मालूम नहीं था कि यह धोखाधड़ी उन्हें बहुत भारी पड़ेगी। चारों छात्र बागोवाली के एक मदरसे में पढ़ते हैं। दोनों छात्रों ने सुजडू के एक मदरसे से बोर्ड परीक्षा का फार्म भरा था। शनिवार को सादिक और शाबिद की मौलवी की परीक्षा के साथ ही अपने मदरसे की भी परीक्षा थी। दोनों ने अपने प्रवेश पत्र देकर अपने दोस्तों सलमान और उजैर को परीक्षा देने भेज दिया। दोनों ने परीक्षा भी देनी प्रारंभकर दी थी, मगर जब कक्ष निरीक्षक ने उनके हस्ताक्षर और प्रवेश पत्र की जांच की तो दोनों छात्र पकड़े गए।
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