चरथावल (मुजफ्फरनगर)।
चरथावल सीमा के आखिरी गांव कयामुपर के जंगलों में तेंदुए देखने जाने से ग्रामीण दहशत में है। कयामुपर और उससे सटा सहारनपुर का जड़ौदा पांडा के जंगल मिले हुए है। दोनों गांव के ग्रामीणों ने जंगलों की कांबिंग के साथ अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
पिछले कई दिनों से कयामपुर और जड़ौदा पांडा के जंगलों तेंदुआ देखे जाने सूचना मिल रही थी। दो दिन पूर्व खेतों में काम करने गए किसानों को तेंदुए नजर आया। हालांकि इस गांव से करीब सात किमी दूर जड़ौदा पांडा गांव के जंगल में तेंदुए के पैरों के निशान ग्रामीणों ने देखे। छिमाऊ के भाकियू ग्राम अध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि कयामपुर के गांव वालों ने शुक्रवार दिन में भी तेंदुआ देखा। उधर, जडौदा पांडा के ग्रामीणों ने भी जंगलों में तेंदुए को खोजा, लेकिन वह नहीं मिला। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगल में जाने वालों की हिफाजत के लिए तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। एफएसओ सूरज ने बताया कि विभागीय टीम को जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।