मुजफ्फरनगर। 15वें वित्त आयोग की धनराशि अवमुक्त होने के बावजूद निकायों की ओर से विकास कार्याें के प्रस्ताव जिला स्तरीय कमेटी के समक्ष पेश नहीं किए गए। डीएम उमेश मिश्रा ने निकायों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। ईओ ने एई निर्माण से प्रस्ताव रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
जिले के 10 निकायों में 15वें वित्त के अन्तर्गत शासन से 23.79 करोड़ रुपये की धनराशि अनटाइड ग्रांट (अनियोजित निधियां) में प्राप्त हो चुकी है, बजट मार्च 2025 से पहले ही खर्च होना है। 10 लाख से कम आबादी वाले शहर के दायरे में आने वाले नगरीय निकायों को अनटाइड बुनियादी अनुदान के रूप में वित्तीय वर्ष 2024-25 में विकास कार्यों के लिए स्वीकृत धनराशि दो किश्तों में जारी की गई थी। इसमें पहली किश्त का पैसा नगरीय निकाय निदेशालय लखनऊ की ओर से 17 अक्तूबर और दूसरी किश्त की धनराशि 26 नवम्बर 2024 को जारी की गई।
दो पालिकाओं सहित सभी 10 नगरीय निकायों के लिए 23.79 करोड़ रुपये की धनराशि जारी हुई, लेकिन इस धनराशि के तहत निकायों में कराए जाने वाले विभिन्न विकास कार्यों और संसाधन विकसित करने के लिए प्रस्ताव देने में नहीं दे रहे हैं। डीएम उमेश मिश्रा ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी निकायों के अधिशासी अधिकारियों को फटकार लगाकर पत्र जारी किया था और एक सप्ताह में 15वें वित्त के अन्तर्गत प्राप्त अनटाइड ग्रांट की पहली और दूसरी किश्त की धनराशि से कराए जाने वाले विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव देने के लिए कहा। एई निर्माण अखंड प्रताप का कहना है कि विभागीय स्तर पर प्रस्ताव बनाए जा रहे हैं।