मुजफ्फरनगर। कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के गृह जनपद में कौशल विकास के प्रशिक्षण के बाद 160 अभ्यर्थियों को सेवायोजित दर्शाकर प्रशिक्षण केंद्र ने भुगतान की मांग का दावा कर दिया।
जांच शुरू हुई तो सिर्फ एक अभ्यर्थी ही रोजगार पर मिला और 159 बेरोजगार मिले। अब मिशन के जिला समन्वयक मुकेश प्रताप सिंह ने सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
बुढ़ाना तहसील के गांव राजपुर-छाजपुर में सुप्रीम फाउंडेशन के नाम से कौशल विकास केंद्र संचालित है। प्रशिक्षण केंद्र में कुल नौ बैचों में 160 अभ्यर्थियों को सेक्टर कंस्ट्रक्शन के अंतर्गत फोरमैन, इलेक्ट्रिशियन वर्क्स कोर्स में प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सेवायोजित प्रशिक्षणार्थियों के भुगतान की प्रक्रिया के लिए कौशल विकास मिशन के पोर्टल पर डाटा अपलोड किया। भेजे गए डाटा में सभी 160 अभ्यर्थियों को रोजगार दिए जाने का दावा किया गया था।
मिशन की ओर से जांच कराई गई। कर्मचारी ने मोबाइल पर प्रशिक्षित छात्रों से उनके सेवायोजित होने की जानकारी की गई तो फर्जीवाड़ा खुल गया। छात्रों से पूछताछ में पता चला कि केवल एक छात्र ही सेवा में योजित पाया गया। प्रशिक्षण देने वाली सुप्रीम फाउंडेशन ने झूठी एवं भ्रामक सूचना पोर्टल पर अपलोड कर प्रशिक्षण की धनराशि हड़पने का प्रयास किया है।
जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (डीपीएमयू) उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयक मुकेश प्रताप सिंह ने सिविल लाइन थाने में फाउण्डेशन के संचालक मुकुंदपुर नई दिल्ली निवासी सन्नी सैनी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा दिया है।