सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ रहे हैं गोवंश
मोरना। प्रशासन की अनदेखी की वजह से बेसहारा गोवंश सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ रहे हैं। खानापूर्ति में जुटा प्रशासन दो दिन बाद भी बेसहारा गोवंश के लिए ठोस व्यवस्था नहीं कर सका है। वहीं, संाड़ की टक्कर से ग्राम सचिव राजवीर सिंह भी घायल हो गए। मदद के लिए ग्रामीणों को गोवंश अपने निकट ठहरने नहीं दे रहे हैं। विरेंद्र व राजवीर पुत्र चतर सैनी ने दो पशुओं को गोद ले लिया तथा ग्रामीणों से एक-एक पशु की चारे की व्यवस्था करने की गुहार लगाई।
ककरौली क्षेत्र के गांव खाईखेड़ा में जिला पंचायत की भूमि पर आवारा पशुओं को छोड़ने के लिए कांजी हाउस का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें प्रशासन की ओर से गोवंश को खुले आसमान की छत के नीचे छोड़ा गया था। सुविधाओं के अभाव के चलते एक दर्जन गोवंश भूखे प्यासे मर गए। भाजपा नेता रविंद्र वाल्मीकि ने बताया कि वह इस जगह पर स्कूल चलवाना चाहते थे, लेकिन जिला पंचायत द्वारा कांजी हाउस का निर्माण कराया जा रहा है। जिससे गांव वालों को लाभ के बजाए भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। गोवंश को लाया जाएगा, पशु किसानों की फसल को बर्बाद करेंगे। गांव के प्रधान ने भूखे गोवंश के लिए चारे की व्यवस्था कराई है। मंगलवार को एसडीएम जानसठ विजय कुमार, सीओ सोमेंद्र नेगी, थाना ककरौली प्रभारी जितेंद्र अंबावत, खंड विकास अधिकारी प्रशांत श्रीवास्तव, एडीओ पंचायत चंद्र प्रकाश शर्मा, पशु चिकित्साधिकारी डा. अखिलेश सिंह, हेमेंद्र सिंह, जिला पंचायत अवर अभियंता अरविंद कुमार आदि ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। चिकित्सकों ने बीमार गायों का उपचार कराया। अस्थायी व्यवस्थाओं को बनाने में जुटे अधिकारी 84 गोवंशों के सामने बेबस नजर आए। जो भी मजदूर बांस लगाने जाता है, पशु उसे टक्कर मारकर गिरा देते हैं। गांव प्रधान मोहम्मद वसीम ने बताया कि वे गोवंश के लिए कुछ दिनों के लिए चारे आदि की व्यवस्था करा सकेंगे।