मुजफ्फरनगर। संशोधित मेरिट लिस्ट में नाम गायब हो जाने से शहर के चारों कॉलेजों में प्रवेश पा चुके लगभग 500 छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है। ये छात्र कॉलेज में फीस जमा करने के साथ प्रवेश की सभी प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। कॉलेज प्रशासन के सामने इन विद्यार्थियों को समझाना बड़ी समस्या बनी है।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने पहली मेरिट लिस्ट को तीन बार जारी किया है। पहली और दूसरी बार जारी हुई सूची के आधार पर जिन छात्रों ने एडमिशन लिया है, हाल में जारी संशोधित सूची में उनका नाम नहीं है। एसडी डिग्री कॉलेज में ऐसे छात्रों की संख्या लगभग 200 है। बीए में यहां पहले दो दिन 161 एडमिशन हुए। इनमें 91 छात्र-छात्रा ऐसे है जिनका नाम सूची में नहीं है। बीकॉम में 51, बीएससी मैथ में 52, बायोलॉजी में 11 ऐसे विद्यार्थी है जो एडमिशन की प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं और संशोधित सूची में उनका नाम नहीं है। ये सब प्राचार्य डॉ एससी वार्ष्णेय से सवाल कर रहे हैं। प्राचार्य सभी को ढांढस बंधा रहे हैं कि दूसरी और तीसरी सूची में उनका नाम आ जाएगा, एडमिशन को लेकर परेशान न हो और यूनिवर्सिटी को भी वह सूची भेज चुके हैं। बावजूद सबके विद्यार्थी टेंशन में है।
छोटूराम डिग्री कॉलेज में बीएससी एग्रीकल्चर में शुरू के दो दिन 85 एडमिशन हुए, यहां केवल 16 विद्यार्थी ही ऐसे है जिनका नाम संशोधित सूची में है। 79 छात्र-छात्राओं की प्रवेश प्रक्रिया अधर में लटक गई है। डीएवी डिग्री कॉलेज में बीएससी मैथ में 30 और बीएससी बायो में 29 और बीएस में 25 ऐसे छात्र हैं जिनका नाम संशोधित सूची में नहीं है। जैन कन्या डिग्री कॉलेज में बीए में 31 ऐसी छात्राएं है जो पहली सूची के आधार पर प्रवेश ले चुकी है।
बीए के छात्रों को विषय को लेकर आएगी दिक्कत
मुजफ्फरनगर। एडमिशन होने के बाद भी जिन छात्रों का नाम संशोधित सूची में नहीं आया है, बीए में प्रवेश पाने वाले ऐसे छात्रों के सामने विषय चयन करने को लेकर दिक्कत आ सकती है। कॉलेजों में अंग्रेजी, शारीरिक शिक्षा, हिंदी, ड्राइंग, राजनीति विज्ञान सहित सभी विषयों की निर्धारित सीटे हैं। ऐसे में यदि एडमिशन पा चुके छात्रों का नाम बाद की सूची में आता है और उसके आधार पर एडमिशन दिया जाता है तो मन चाहा विषय नहीं मिल सकेगा। पहले एडमिशन लेने वालों को विषय में प्राथमिकता दी जाएगी।