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कांवड़ यात्रा की रणनीति तैयार करने की कवायद

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कांवड़ यात्रा की रणनीति तैयार करने की कवायद
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मुजफ्फरनगर। एडीजी प्रशांत कुमार ने आगामी माह से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस लाइन स्थित सभागार में सहारनपुर रेंज के अफसरों की बैठक ली। इसमें कांवड़ यात्रा को लेकर रणनीति तैयार करने के साथ ही तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
जुलाई माह में 17 तारीख से श्रावण मास शुरू होते ही 20 जुलाई से कांवड़ यात्रा विधिवत शुरू हो जाएगी। कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस-प्रशासन की तैयारियां भी शुरू कर दी गईं हैं। इसी के तहत मंगलवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने सहारनपुर रेंज के तीनों जनपदों के कप्तानों के साथ बैठक की। इसमें सहारनपुर एसएसपी दिनेश कुमार, मुजफ्फरनगर एसएसपी सुधीर कुमार सिंह व शामली एसपी अजय कुमार शामिल हुए। एडीजी जोन ने बताया कि पिछले दो साल से कांवड़ मेले को सकुशल व शांतिपूर्वक संपन्न कराया जा रहा है और इस बार भी कांवड़ मेले को सकुशल संपन्न कराया जाएगा। हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी होगी और पुलिस-प्रशासन द्वारा विभिन्न स्थानों पर कांवड़ियों का स्वागत भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए रणनीति तैयार की जा रही है।
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दस दिन में हुई 35 मुठभेड़, दो बदमाश ढेर
मुजफ्फरनगर। एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने बताया कि लोकसभा चुनाव के चलते पुलिस व्यस्त थी, जिससे कुछ समय से आपराधिक घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा था। इससे पुलिस भी दबाव में थी। चुनाव संपन्न होने के साथ ही मेरठ जोन में फिर से अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जिसके अच्छे परिणाम भी सामने आए हैं। पिछले दस दिन में मेरठ जोन में 35 मुठभेड़ हुईं। इनमें दो बदमाश ढेर किए गए, जबकि 51 बदमाश घायल हुए। इनमें से 23 बदमाशों पर इनाम भी घोषित था। इन मुठभेड़ों में पांच पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। एडीजी ने कहा कि अपराध मुक्त और भयमुक्त समाज शासन की प्राथमिकता है, जिसकी स्थापना के लिए लगातार अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
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विभाग की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले पुलिसकर्मी चिह्नित
मुजफ्फरनगर। एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार ने बताया कि शासन के आदेशों के बाद ऐसे पुलिसकर्मियों को चिह्नित किया जा रहा है, जिनका किसी भी तरह का दागी व्यवहार रहा हो। ऐसे लोग जो विभाग की गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं, उनका रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। इनमें 50 साल उम्र से अधिक के पुलिसकर्मी भी शामिल हैं और 50 साल से कम उम्र के पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर भी नजर रखी जा रही है। जिस पुलिसकर्मी का भी गलत रिकॉर्ड मिलेगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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