देवबंद (सहारनपुर)। इस्लामिया ग्रुप ऑफ कॉलेज में ईद मिलन सह पैगाम-ए-इंसानियत कांफ्रेंस में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संरक्षक इंद्रेश कुमार ने हिंदू मुस्लिम एकता का पैगाम देते हुए कहा कि सभी धर्मों व जातियों के लोग शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ें, क्योंकि शिक्षा का मार्ग ही नफरत व कट्टरता को मिटाता है।
बृहस्पतिवार की रात्रि कार्यक्रम में इंद्रेश कुमार ने सभी लोगों को पैगाम-ए-इंसानियत का पाठ पढ़ाते हुए आपसी भाईचारे को मजबूत बनाने पर बल दिया। इस दौरान इंद्रेश कुमार ने महाविद्यालय के आईएएस एवं पीसीएस में चयनित छात्रों को सम्मानित भी किया। मंच के राष्ट्रीय संयोजक प्रो. शाहिद अख्तर ने कहा कि पूर्व की सरकारों ने राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद (एनसीपीयूएल) को 200 करोड़ रुपये का बजट दिया था। जिसे मोदी सरकार ने बढ़ाकर 1300 करोड़ कर दिया है। जिसके जरिए देश के हजारों मदरसों में उर्दू, अरबी, फारसी और कंप्यूटर शिक्षण केंद्र खोले गए हैं। इस्लामिया ग्रुप ऑफ कॉलेज के चेयरमैन डा. अजीम उल हक ने मुस्लिम समाज के लोगों से सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में विस्तार के लिए 200 बेड का अस्पताल जल्द ही इस्लामिया कॉलेज में बनाया जाएगा। प्राचार्य डा. असजद तुर्की ने भी विचार रखे। इस अवसर पर अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के बिलाल अहमद, जमीयत-ए-सूफिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. तनवीर चिश्ती, दिल्ली एम्स के चिकित्सक डा. माजिद अहमद, पूर्व राज्यमंत्री मजाहिर हसन खान, मदरसा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष जाहिद हसन रिजवी, भाजपा जिलाध्यक्ष बिजेंद्र कश्यप, नेता राकेश गांगुली, डा. महेंद्र सैनी, गजराज राणा, चौ. राजपाल सिंह, मौलाना वलीउर्रहमान, मौलाना शाह आलम, नसीम अख्तर शाह कैसर, वजाहत शाह, पंडित सतेंद्र शर्मा, लताफत त्यागी, ओमपाल सिंह, मंसूर अनवर खां, डा. शमीम देवबंदी, एस.ए. अजीज, फरीद अहमद खां आदि मौजूद रहे।