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दोगुनी आय को औषधीय खेती से प्रभावित हो रहे किसान

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प्रत्येक जिले में होगा आयुष ग्राम का चयन
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मुजफ्फ़रनगर। गुड़ महोत्सव में औषधीय पौधों की जानकारी को लेकर किसानों में काफी उत्साह रहा। औषधीय खेती को सरकार अनुदान की बौछार कर रही है। प्रत्येक जिले में एक आयुष ग्राम चयनित करने की सरकार की योजना है। इस गांव में जड़ी-बूटी की खेती होगी। औषधीय खेती के लिए बीज और पौधे सरकार स्वयं उपलब्ध करा रही है।
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उत्तर प्रदेश राज्य जैव ऊर्जा बोर्ड के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कोआर्डिनेटर डॉ संजय सैनी ने गुड़ महोत्सव में औषधीय पौधों का स्टॉल लगाया। इस स्टॉल पर किसानों को औषधीय खेती के लाभ और सरकार की प्रोत्साहन की योजनाओं के बारे में बताया गया। सहारनपुर के शकरपुर गांव के संजय सैनी लंबे समय से औषधीय खेती से जुड़े हैं। उनका कहना है किर राज्य जैव ऊर्जा बोर्ड किसानों को ट्रेनिंग देने के साथ पौधे भी उपलब्ध कराता है। औषधीय खेती से किसानों की आय आसानी से दोगुनी हो रही है। सहारनपुर जिले में 40 गांवों के 597 किसान अब तक औषधीय खेती से जुड़ चुके हैं। तीन गांव बलमतपुर, बालपुर और चिराग बेहड़ा ऐसे है जिनमें 15 एकड़ से अधिक जमीन में औषधीय खेती हो रही है। जर्मनी के क्यूएसआई से औषधीय गुणों का प्रशिक्षण लेने वाले संजय कहते हैं कि प्रदेश सरकार ने हाल ही आयुष ग्राम योजना शुरू की है। इस योजना में जड़ी-बूटी की खेती करने वाले गांव को शामिल कर दस लाख का अनुदान दिया जाएगा। किसान पूरी जानकारी के साथ औषधीय खेती करे तो उसकी आय आसानी से दोगुनी हो जाएगी।
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