पंगत की व्यवस्था से खत्म किया भेदभाव
मुजफ्फरनगर। श्री गुरु सिंह सभा ने सिखों के तीसरे गुरु अमरदास साहिब का प्रकाश पर्व धूमधाम से मनाया। गांधी कॉलोनी स्थित गुरुद्वारा में शबद कीर्तन का आयोजन किया गया। बताया गया कि गुरु अमरदास ने पहले पंगत फिर संगत की व्यवस्था शुरू कर भेदभाव को दूर किया।
गांधी कॉलोनी स्थिति गुरुद्वारा में सुखमनि साहिब का पाठ तथा रागी जत्था विरेंद्र सिंह द्वारा कीर्तन किया गया। ज्ञानी जोगा सिंह व ज्ञानी हरजीत सिंह ने बताया कि गुरु अमरदास जी 62 वर्ष की आयु में गुरु अंगद देव की शरण में आए। 11 साल निरंतर सेवा सिमरन कर 73 वर्ष की आयु में गुरु गद्दी पर विराजमान हुए। उन्होंने बादशाह अकबर को कहकर सती प्रथा को बंद कराया तथा पहले पंगत और फिर संगत की प्रथा शुरू की। बादशाह ने भी पंगत में बैठकर लंगर छका तथा अमीर-गरीब के भेदभाव को दूर किया। अमृतसर से पधारे सतनाम सिंह ने कीर्तन से संगतों को निहाल किया। दसमेश खालसा दल के सदस्यों ने संगत को लंगर छकाया। कार्यक्रम में अमरजीत सिंह सिडाना, धनप्रीत सिंह बेदी, हरजीत सिंह गुराया, विरेंद्र सिंह सेखो, सुखदर्शन सिंह बेदी, वजीर सिंह, जगप्रीत सिंह, तीर्थ सिंह, गुरचरण सिंह बराड़, बलकार सिंह, सुखबीर सिंह रावल, अरविंद्र सिंह मिंटू, जितेंद्र पाल सिंह, राजपाल सिंह, त्रिलोचन सिंह मान, गुरप्रीत सिंह पुरी, हरप्रीत सिंह, जसप्रीत सिंह, अभितिंदर सिंह, प्रिंस कथुरिया आदि मौजूद रहे।