एक अप्रैल पर झूठ बोलकर लोगों को परेशान करना सरासर गलत
देवबंद (सहारनपुर)। लोग एक अप्रैल को अप्रैल फूल या फिर मूर्ख दिवस के नाम से मनाते हैं। इसे लेकर उलमा का कहना है कि एक अप्रैल पर इस तरह की गलत हरकतों से बचना चाहिए और इस दिन को भी आम दिनों की तरह गुजारना चाहिए।
रविवार को फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी ने कहा कि पश्चिमी सभ्यता के लोग एक अप्रैल को अप्रैल फूल के रूप में मनाते हैं। जिसमें झूठ को बढ़ा चढ़ाकर पेश कर लोगों को परेशान किया जाता है। इसके अलावा भी ऐसी हरकतें की जाती हैं जिनसे लोगों को मुश्किलों और परेशानियों का शिकार होना पड़ता है। साफ तौर पर कहा जाए तो पश्चिमी सभ्यता के लोगों ने इस दिन को बुराई का दिन बनाकर रख दिया है। उन्होंने कहा कि हकीकत यह है कि किसी भी धर्म में एक अप्रैल की कोई मान्यता नहीं है। कैलेंडरों में भी एक अप्रैल आम तारीखों की तरह लिखी जाती है। झूठ बोलना या किसी को धोखा देना कानून के मुताबिक अपराध की श्रेेणी में आता है। मुफ्ती ने लोगों से एक अप्रैल को खास दिनांक मानते हुए इस दिन झूठ बोलने और धोखा देने से परहेज करने का आह्वान किया है।