देवबंद (सहारनपुर)। कम वेतन मिलने के कारण होमगार्ड की नौकरी छोड़कर मेहनत मजदूरी करके परिवार के छह सदस्यों का पेट भरने वाला शिवपुर का धनपाल भी जहरीली शराब कांड का शिकार हो गया। सहारनपुर के एसबीडी अस्पताल में भर्ती धनपाल ने मंगलवार को दम दौड़ दिया।
उत्तराखंड की सीमा से सटे शिवपुर गांव में भी जहरीली शराब से पांच लोगों की मौत हुई है। ग्रामीणों की माने तो धनपाल ने भी उत्तराखंड के बालूपुर गांव से 8 फरवरी को शराब खरीदकर पी थी। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां मंगलवार को उपचार दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना जैसे ही शिवपुर गांव में पहुंची तो मातम पसर गया। धनपाल की पत्नी सुमित्रा तो बेहोश हो गई। पांच बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। क्योंकि धनपाल के परिवार में सबसे बड़ा बेटा अमित 25 वर्ष का है जो बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। उससे छोटा 22 वर्ष का अंकुश, लड़कियों में प्रियंका (16), प्रतिभा (14) और प्रीति (12) वर्ष की है। पिता की मौत से बच्चे बुरी तरह बिलख पड़े। पत्नी सुमित्रा पति के शव को देख तो कभी बच्चों की तरफ देखकर दहाड़े मारकर रो रही थी। हर कोई यही कह रहा था कि धनपाल के परिवार के साथ बुरा हुआ है। क्योंकि धनपाल के परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। ज्ञात रहे कि इस गांव में दो दिन पूर्व धर्मपाल (50), विनोद (42), तेजपाल (45) और सोनू उर्फ गूंगा की इसी कांड में मौत हो गई थी। तीन दिन के भीतर गांव में पांच जवान मौत होने से मातम पसरा हुआ है।
सीमा से सटे गांवों में हुई डेढ़ दर्जन लोगों की मौत
देवबंद। जहरीली शराब ने देवबंद व उत्तराखंड की सीमा से सटे खेड़ामुगल, शिवपुर, बिलासपुर, नाफेपुर और डंघेड़ा आदि गांवों में करीब डेढ़ दर्जन लोगों की जिंदगी को निगल लिया है। अभी भी कई लोग गंभीर रूप से बीमार बताए गए हैं। जिनका अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है। इन गांवों में आज भी लोग उस स्याह रात को याद कर सिहर उठते हैं जब एक-एक करके मौते होना शुरू हुई थी। मौतों का यह सिलसिला अभी तक जारी है।