रामपुर बाईपास के चौड़ीकरण से विकास को लगेंगे पंख
मुजफ्फरनगर। रामपुर बाईपास के उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण को हस्तांतरित होने से इसके चौड़ीकरण की राह खुल गई है। प्रदेश सरकार के इस फैसले से स्थानीय निवासी खुश हैं। दरअसल स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे को जोड़ने वाले इस मार्ग के बनने से रामपुर के लोगों को बड़ा लाभ होगा और इस गांव के विकास के रास्ते खुलेंगे।
मुजफ्फरनगर-सहारनपुर वाया देवबंद राज्यमार्ग और रुड़की जाने वाले नेशनल हाईवे 58 को रामपुर तिराहा के पास करीब 1.20 किलोमीटर लंबा बाईपास जोड़ता है। प्रदेश सरकार ने इस मार्ग को राज्य राजमार्ग प्राधिकरण को दे दिया है। अब इसे फोरलेन बनाया जाएगा। मार्ग के दोनों ओर रामपुर गांव की आबादी है। फिलहाल सड़क की स्थिति खराब है। स्थानीय निवासी राजेश त्यागी ने बताया कि शाम को इस मार्ग पर ज्यादा ट्रैफिक रहता है। फोरलेन बन जाने से काफी लाभ मिलेगा। वृंदा प्रसाद कुशवाह कहते हैं कि सड़क टूटी हुई पड़ी है। मार्ग की लंबाई तो ज्यादा नहीं है, लेकिन यह काफी अहम है। यह स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे को जोड़ता है। इसलिए ट्रैफिक की भी भरमार रहती है। चौड़ीकरण हो जाने से काफी लाभ होगा। सुशील कुमार का कहना है कि रुड़की हाईवे और सहारनपुर हाईवे पर घूमकर जाने के बजाय वाहन रामपुर बाईपास से गुजरते हैं। इससे करीब 800 मीटर की दूरी कम हो जाती है। बाईपास के चौड़ीकरण से निश्चित रूप से यात्रियों को लाभ मिलेगा। बिट्टू का कहना है कि मार्ग का चौड़ीकरण हो जाने से रामपुर गांव का विकास होगा। यह गांव स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे के बीच में है। बाईपास गांव के बीच से होकर गुजरता है। मार्ग का चौड़ीकरण हो जाने से गांव के विकास को पंख लगेंगे।