भोपा बिजलीघर पर धरना, प्रदर्शन
भोपा। विद्युत समस्याओं को लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं ने भोपा बिजलीघर पर धरना, प्रदर्शन करते हुए रोड जाम किया। विद्युत कर्मचारियों को बंधक बनाकर रखा। आठ घंटे तक चले जाम में शुक्रताल जा रहे मध्य प्रदेश के श्रद्धालु भी घंटों फंसे रहे। कुछ ग्रामों के किसानों की मांग थी कि विद्युत सप्लाई सीकरी बिजलीघर से हटाकर भोपा बिजलीघर से जोड़ा जाए। मौके पर पहुंचे तहसीलदार के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ।
मंगलवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने बिजली से संबंधित मांगों को लेकर भोपा बिजलीघर पर धरना-प्रदर्शन किया। दो घंटे तक किसी अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने पर गुस्साए कार्यकर्ता सड़क पर आ गए और बिजलीघर के सामने मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों से जाम खोलने का आग्रह किया, लेकिन वे नहीं माने। आरोप था कि विद्युत आपूर्ति सुचारु रूप से नहीं चल पा रही है। साथ ही रहमतपुर, सिकंदरपुर, गड़वाड़ा ग्रामों की विद्युत सप्लाई सीकरी बिजलीघर से हटाकर भोपा बिजलीघर से जोड़ने की मांग भी की। जाम के कारण वाहनों की लंबी लाईन लग गई, जिन्हें दूसरे मार्ग से निकाला गया। तेज गर्मी के कारण वृद्ध किसान ओम सिंह की हालत बिगड़ जाने पर उन्हें डॉक्टर के यहां भर्ती कराया गया। जाम में मध्य प्रदेश के श्रद्धालु भी काफी समय तक फंसे रहे। शाम तक किसी प्रशासनिक अधिकारी के नहीं पहुंचने पर किसानों का गुस्सा और बढ़ गया। एसडीएम जानसठ ने तहसीलदार मनोज कुमार व नायब तहसीलदार को किसानों के बीच भेजा। दोनों अधिकारियों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर बुधवार तक का समय मांगा, जिसके बाद किसानों ने जाम खोला। इस दौरान योगेश शर्मा, मिंटू, पुष्पेंद्र प्रधान, राज सिंह, योगेश शिवाच, मैनपाल प्रधान, जितेंद्र कुमार, प्रमोद गुर्जर, नरेश प्रधान, रिकुंल, देवेंद्र, गौतम, विपिन आदि मौजूद रहे।