भगवा तपस्या और त्याग का प्रतीक
खतौली।
विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने परिषद का 55वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर 501 मीटर भगवा ध्वज के साथ भगवा यात्रा निकाली गई। भगवा यात्रा में राधा-कृष्ण की झांकी के साथ साथ स्कूली छात्र छात्राएं पर्यावरण सुरक्षा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, स्वच्छता एवं गोमाता की रक्षा संबंधी स्लोगन लिखी तख्तियां हाथ में लिए नागरिकों को जागरूकता का संदेश देते चल रहे थे।
भगवा यात्रा कन्हैया पैराडाइज, ताराचंद शिवालय जीटी रोड से प्रारंभ होकर घंटाघर, जानसठ तिराहा, बुढ़ाना तिराहा, पैठ रोड, वीर हमीद चौक से बड़ा बाजार होते हुए जहारवीर म्हाड़ी पर पहुंचकर संपन्न हुई। कई स्थानों पर पुष्प वर्षा से भगवा यात्रा का स्वागत किया गया। यात्रा से पूर्व आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विहिप के प्रदेश संगठन मंत्री सुदर्शन चक्र ने कहा कि भगवा त्याग और तपस्या का प्रतीक है। भगवा के नीचे ही संस्कृति सुरक्षित रही है। भगवा से ही विश्व में शांति स्थापित हो सकती है। उन्होंनेे कहा कि संघ के प्रयास से आज समाज में छुआछूत दूर हो रही है। हिंदुओं को एक होने का संकल्प लेना होगा। एक नल, एक मंदिर, एक श्मशान को व्यवहार में लाना होगा। जातियों में बांटने वालों व देश को तोड़ने वालों से सावधान होने की आवश्यकता है। प्रांत सहमंत्री चंद्रमोहन शर्मा ने विहिप की स्थापना तथा भगवा यात्रा के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। बजरंग दल के प्रदेश संयोजक बलराज डूंगर, राधेश्याम विश्वकर्मा ने भी विचार रखे। अध्यक्षता प्रवीण गुप्ता और संचालन प्रदीप त्यागी व केशव अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर विधायक विक्रम सिंह सैनी, जिलाध्यक्ष अमित गुप्ता, आशीष गुप्ता, कार्यक्रम संयोजक ठाकुर प्रसाद, जय वंश, प्रदीप, राजेंद्र, अंकुर सिंगल, सत्यप्रकाश तोमर, अंकुर रायल, डा. सहेंद्र पाल, संजय आचार्या, सुदेश, अंजलि, प्रशांत देशवाल, राजेंद्र विश्वकर्मा, अनुज, रमेश, विपिन कंसल, मास्टर राम सिंह, वीरभान अरोरा, सुरेश आर्य आदि मौजूद रहे।