फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सबका-साथ, सबका विकास का नारा धोखा: अब्दुल्ला

विज्ञापन
विज्ञापन
सबका-साथ, सबका विकास का नारा धोखा: अब्दुल्ला
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। विपक्षी जिला पंचायत सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघर्ष समिति के अध्यक्ष अब्दुल्ला राना ने कहा कि बीजेपी का सबका साथ-सबका विकास का नारा इस जिले में झूठा साबित हो रहा है। जिला पंचायत में 40 प्रतिशत क्षेत्र ऐसा है, जिसमें कोई कार्य नहीं हो पा रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य पूर्व अध्यक्ष रमा नागर के संरक्षण में आगे की लड़ाई लड़ेंगे।
विज्ञापन

बालाजी चौक पर एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से बातचीत में अब्दुल्ला राना ने कहा कि 16 जिला पंचायत सदस्य एकजुट हैं। इन सदस्यों के क्षेत्र में जिला पंचायत अध्यक्ष आंचल तोमर कोई काम नहीं करा रही हैं। बीजेपी एकतरफ सबका साथ, सबका विकास का नारा दे रही है, दूसरी तरफ जिले के 40 प्रतिशत क्षेत्र में विकास कार्य ही नहीं कराए जा रहे। कुछ जिला पंचायत सदस्यों के क्षेत्र में दो साल में एक करोड़ से ऊपर के काम कराए गए हैं। कुछ सदस्य ऐसे हैं, जिनके क्षेत्र में दस लाख के काम भी नहीं हुए। सपा सरकार में सभी सदस्यों के क्षेत्र में बराबर के कार्य कराए जा रहे थे। जिला पंचायत सदस्यों ने एक संघर्ष समिति का गठन किया है। इस समिति में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्षा रमा नागर को संरक्षक बनाया गया है। अब्दुल्ला राना संघर्ष समिति के अध्यक्ष रहेंगे। रमेश पाल और सईदुज्जमा को उपाध्यक्ष, मंगल सिंह गुर्जर को महासचिव, अथहर को सचिव, आमिर अली संगठन सचिव, हसीब राना कोषाध्यक्ष, फुरकान को प्रचार सचिव, मेहरबान अली प्रचार सचिव, काले खां को भी प्रचार सचिव बनाया गया। जिला पंचायत की बैठक में मोहसीन खान उर्फ जब्बार और सचिन शर्मा सभी सदस्यों की तरफ से अपनी बात रखेंगे। सभी पार्टियों के जनप्रतिनिधियों से मिलकर जिला पंचायत में चल रहे भेदभाव को उजागर किया जाएगा। जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के सामने भी इस प्रकरण को रखेगा। जिला पंचायत में जोड़तोड़ की राजनीति भी शुरू हो गई है। विरोधी खेमे की जिला पंचायत सदस्य रूबी गुर्जर और उनके पति मंगल सिंह नदारद रहे, जबकि उन्हें संघर्ष समिति में महासचिव घोषित किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें