16 दिन कोमा में रही चतरुबाई ने दम तोड़ा
मुजफ्फरनगर। उत्कल एक्सप्रेस हादसे में घायल एक और महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महिला का मेडिकल कालेज में उपचार चल रहा था। सोमवार शाम उपचाराधीन महिला की मौत हो गई। रेल हादसे में मृतकों की संख्या 26 हो गई है। दर्जनभर घायल अलग-अलग अस्पतालों में जिंदगी मौत से जूझ रहे हैं। जीआरपी ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
19 अगस्त को पुरी-हरिद्वार कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन खतौली में डिरेलमेंट हो गई थी। हादसे में 20 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हो गए थे। घायलों में तीन लोगों ने स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। इसके बाद एक घायल की गाजियाबाद तथा दो की मेरठ में उपचार दौरान मौत हो गई थी। हादसे में मध्यप्रदेश के ग्वालियर के थाना किलागेट के कस्बा बंडाधुरा के मोहल्ला घासमंडी निवासी चतरुबाई (62) पत्नी मनीराम प्रजापति भी गंभीर रूप से घायल हो गई थी। प्राथमिक उपचार के बाद चतरु को सिर में गंभीर चोट लगने के कारण हायर सेंटर लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कालेज रेफर किया गया था। चतरुबाई सिर में चोट के कारण पिछले 16 दिन से कोमा में थी। वृद्धा चतरुबाई ने सोमवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जिसके चलते उत्कल हादसे में अब मरने वालों की संख्या 26 हो गई है। दर्जनभर से अधिक घायल अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं। जीआरपी ने शव का पंचनामा भरकर उसका पोस्टमार्टम कराया। पीएम प्रक्रिया पूरी होने के बाद वृद्धा के शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। चतरुबाई अपने परिजनों के साथ ग्वालियर से ट्रेन में सवार हुई थी, जो हरिद्वार में सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान के लिए जा रही थी। पांच स्टेशन पहले ही ट्रेन हादसे का शिकार हो गई और लोगों के घर उजड़ गए। हादसे में कई परिवारों के मुखिया की मौत हुई तो किसी का लाल, किसी का भाई बिछड़ गया। जीआरपी एसओ किशन अवतार ने बताया कि मेरठ मेडिकल कालेज में भर्ती घायल वृद्धा चतरुबाई की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका के बारे में रेलवे बोर्ड को भी जानकारी दे दी गई है। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।