कच्ची शराब पकड़े जाने पर नपेंगे अफसर
मुजफ्फरनगर। मीरापुर में जहरीली शराब के पीने से दो लोगों की मौत होने के बाद जिला प्रशासन जाग गया है। डीएम ने अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाने के आदेश दिए हैं। जिले में अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए प्रत्येक तहसील में एसडीएम की अध्यक्षता में अवैध शराब निरोधी दस्ते गठित किए गए हैं। आबकारी निरीक्षक और एसओ इस बात का शपथ पत्र देेंगे कि उनके क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार नहीं होता है। यदि अवैध शराब पकड़ी जाती है तो अफसर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
डीएम अजय शंकर पांडेय ने बताया कि जिले में किसी भी हालत अवैध शराब की बिक्री नहीं होने दी जाएगी। अवैध शराब पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जा रही है। प्रत्येक तहसील में एसडीम की अध्यक्षता में एक अवैध शराब निरोधी दस्ता गठित किया जा रहा है। इस दस्ते में क्षेत्राधिकारी पुलिस एवं आबकारी निरीक्षक सदस्य होंगे। एसडीएम एवं क्षेत्राधिकारी पुलिस प्रति सप्ताह ग्राम चौकीदारों एवं संबंधित थाना प्रभारियों के साथ बैठक करके अवैध शराब का धंधा करने वालों के बारे में सूचना संकलित करेंगे। थाना प्रभारी एवं आबकारी निरीक्षक द्वारा क्या कार्यवाही की गई, इसकी समीक्षा भी करेंगे और थाना प्रभारी, आबकारी निरीक्षक एवं ग्राम चौकीदार से इस आशय का प्रमाण पत्र प्राप्त करेंगे कि उनके क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार करने वाला कोई तंत्र सक्रिय नहीं है। यदि है तो उसका पूरा विवरण प्राप्त करेंगे और पुलिस विभाग एवं आबकारी विभाग संबंधितों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने बताया कि तहसील सदर में सोमवार, जानसठ में मंगलवार, खतौली में बुधवार एवं बुढ़ाना में बृहस्पतिवार के दिन बैठक होगी। डीएम ने कहा कि आबकारी निरीक्षक व थाना प्रभारी द्वारा दिए गए प्रमाणपत्र में शून्य सूचना देने के बाद भी यदि कोई मामला संज्ञान में आता है तो संबंधित थाना प्रभारी एवं आबकारी निरीक्षक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त एसडीएम लेखपालों से भी नियमित रूप से इस संबंध में सूचना प्राप्त करते रहेंगे। जिला आबकारी अधिकारी अवैध शराब का कारोबार करने वालों के विरुद्ध पंजीकृत सभी मामलों की सूची संयुक्त निदेशक अभियोजन को उपलब्ध कराएंगे। संयुक्त निदेशक, अभियोजन प्रत्येक मामले की समीक्षा करते हुए उन कारणों को इंगित करेंगे, जिनके चलते अवैध शराब का कारोबार करने वाले जमानत कराने में सफल रहे हैं या दोषमुक्त हो गए हैं। खादर क्षेत्र के जिन ग्रामों में अवैध शराब के धंधों की शिकायत आम है, उन ग्रामों के ग्राम प्रधान, ग्राम चौकीदार एवं थाना प्रभारी तथा आबकारी निरीक्षक की बैठक जिला आबकारी अधिकारी तत्काल करेंगे। डीएम ने इस संबंध में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी की।