मुजफ्फरनगर। जनपद सहारनपुर के देवबंद से आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के दो सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद जनपद में भी अलर्ट जारी कर दिया है। खासकर देवबंद से सटी जनपद की सीमा के गांवों में पुलिस व खुफिया विभाग की टीमों को लगा दिया गया है।
दरअसल, जनपद का बड़ा भू-भाग देवबंद से सटा हुआ है, जिसके लोगों का एक-दूसरे के साथ दशकों पुराना जुड़ाव है। दोनों जनपदों के लोग सामाजिक और व्यापारिक मूल्यों से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। चूंकि, देवबंद से सटे जनपद के इलाके में भी पूर्व समय में आतंकी गतिविधियां पाई जा चुकी हैं, इसके चलते अफसर मामले में जरा भी चूक नहीं चाहते। पूर्व समय की बात करें तो देवबंद से सटे चरथावल के गांव कुटेसरा के एक मदरसे से छह अगस्त 2017 को बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्लाह अल मामून को गिरफ्तार किया गया था, जो कई साल से मदरसे में ही रहकर इमामत कर रहा था। इससे पहले, वर्ष 2000 में बुढ़ाना के गांव जौला से पाक आतंकी मोहम्मद वारस की गिरफ्तारी की गई थी। वहीं, वर्ष 1996 में शहर के मोहल्ला खालापार से भी पाक आतंकी जकारिया की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अब अफसरों ने पुलिस के साथ ही खुफिया विभाग को भी अलर्ट मोड़ पर रहकर जिले भर के संदेहास्पद क्षेत्रों विशेषकर देवबंद से सटे इलाके पर पैनी नजर रख जांच पड़ताल के आदेश दे दिए हैं।
दो सराफ की करतूतों से शर्मसार हुआ था जिला
मुजफ्फरनगर। आतंकी गतिविधियों के साथ ही करीब सवा साल पूर्व जिले के लोग उस समय सकते में आ गए थे, जब शहर के एक नामी सर्राफ समेत दो ज्वैलर्स एनआईए के निशाने पर आ गए थे। एनआईए की टीम ने सर्राफा बाजार में कई दिन तक डेरा डालकर सर्राफ आदीश जैन समेत दोनों ज्वैलर्स के आवास व प्रतिष्ठानों की जांच की थी। इसमें दोनों ज्वैलर्स के तार आतंकी फंडिंग के मामले से जुड़े पाए गए थे। उक्त मामले में दोनों ज्वैलर्स अब तक जेल में ही बंद हैं। इससे पहले, दस जुलाई 2017 को शहर के अंकित विहार निवासी संदीप शर्मा नामक युवक को भी जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग से गिरफ्तार किया गया था, जिसके तार आतंकी गतिविधियों से जुड़े पाए गए थे।
कांग्रेस ने दंगे में लगाया था आतंक का तड़का
मुजफ्फरनगर। सितंबर 2013 में जनपद उस समय भी चर्चा में आ गया था, जब सांप्रदायिक दंगे के बाद समुदाय विशेष के पलायन के बाद आतंकी संगठनों द्वारा राहत शिविरों में रह रहे कुछ दंगा पीड़ितों से संपर्क किए जाने की बात सामने आई थी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस तरह के आरोप लगाकर देश भर में सनसनी फैला दी थी, हालांकि जांच के बाद इन तथ्यों की पुष्टि नहीं हो सकी थी।
खालिस्तान समर्थकों से भी जुड़ गए तार
मुजफ्फरनगर। आतंकी गतिविधियों के साथ ही जनपद के तार चाहे-अनचाहे तरीके से खालिस्तान समर्थकों से भी जुड़ गए हैं। हाल ही में अमृतसर स्पेशल सेल की टीम ने एसटीएफ मेरठ के साथ मिलकर बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के गांव इटावा से संजय राठी उर्फ गुड्डू को गिरफ्तार किया है। संजय के तार खालिस्तान समर्थकों से जुड़े पाए गए थे और वह उन्हें असलाह व मादक पदार्थ सप्लाई करता था।