मुजफ्फरनगर। गांव सुजड़ू के कूंगरपट्टी स्थित मदरसे में बृहस्पतिवार देर रात धमाके के इनपुट से सूबे के हाकिमों को हिलाकर रख दिया। रात भर लगातार अफसरों के फोन घनघनाने से जिले के अधिकारी सहमे रहे। शासन ने स्थानीय अफसरों से आग लगने व छात्रों के झुलसने की रिपोर्ट तलब कर ली है। झुलसने वालों में चार छात्राएं भी थी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव सुजड़ू की कूंगरपट्टी में ईदगाह के पीछे स्थित मदरसा इस्लामिया अशरफुल मदरसा में बृहस्पतिवार देर रात तेज आंधी-बारिश व ओलावृष्टि के चलते क्षेत्र की बिजली गुल हो गई थी। लाइट जाने के कारण मदरसे के एक कमरे में सोए 14 छात्रों ने कमरे में रोशनी करने के लिए एक मोमबत्ती जलाकर फ्रिज पर रख दी और सो गए। इंस्पेक्टर अनिल कपरवान के अनुसार, छात्रों के सोने के बाद फ्रिज पर रखी मोमबत्ती पास में रखी कुर्सी पर गिर गई, जिस पर रखी किताबों ने और फिर रेफ्रिजरेटर ने आग पकड़ ली। इसके बाद धमाके से फ्रिज का कंप्रेसर फट गया, जिससे पूरे कमरे में आग और धुुआं फैल गया। वहीं, सूत्रों के अनुसार किसी ने सूबे के अफसरों को मदरसे में धमाका होने और कई बच्चों को गंभीर नुकसान पहुंचने की सूचना दे दी। देर रात से ही आला अफसरों के लगातार फोन स्थानीय अधिकारियों के पास आने शुरू हुए तो हड़कंप मच गया। इसके बाद तो लगातार अफसरों के फोन घनघनाते रहे, जिससे स्थानीय अधिकारी सहमे रहे। हालांकि जांच में फ्रिज का कंप्रेसर फटने से आग लगने और छात्रों के खतरे से बाहर होने की पुष्टि होने के बाद अफसरों ने राहत की सांस ली। सूत्रों के अनुसार, शासन ने स्थानीय अफसरों से इस पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर ली है।
डायल-100 की पीआरवी ने दिखाई तत्परता
मुजफ्फरनगर। मदरसे में बृहस्पतिवार देर रात फ्रिज फटने से लगी आग और उसमें छात्रों के झुलसने की सूचना स्थानीय लोगों ने सबसे पहले पुलिस कंट्रोल रूम को दी। इस पर डायल-100 की पीआरवी वैन और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और आग में झुलसे सभी 14 बच्चों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से 11 छात्रों को गंभीर हालत में मेरठ रेफर किया गया, जिनमें तीन छात्राएं भी है। हालांकि उपचार के बाद सभी छात्र खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।