मुजफ्फरनगर। कथा व्यास मृदुल तिवारी ने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से जीवन कल्याण की राह मिलती है। श्रद्घा और भक्ति के साथ कथा से पूर्व रामपुरी क्षेत्र में कलश यात्रा भी निकाली गई। विधि विधान से कथा का शुभारंभ किया गया। व्यास पीठ पर यज्ञमानों ने तिवारी का सम्मान किया। कथा के पहले दिन मर्मज्ञ तिवारी ने कहा कि पापों से मुक्ति के लिए श्रीमद् भागवत का श्रवण करें। कथा ज्ञान को जीवन में अपनाए।
रामपुरी में सोमवार को श्रीमद भागवत कथा का प्रारंभ हुआ। सुबह श्रद्घालु महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। क्षेत्र की परिक्रमा के उपरांत कथा स्थल पर आकर कलश यात्रा सम्पन्न हुई। विधि विधान से कलश स्थापना की गई। पहले दिन कथा व्यास मृदुल तिवारी ने भागवत के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से मानव को दुखों से मुक्ति मिलती है।
उधर, आर्य कन्या इंटर कॉलेज में चल रही श्रीमदभागवत कथा में दूसरे दिन कथा व्यास सीताराम त्रिपाठी ने कहा कि राजा परीक्षित का संताप भागवत कथा से शुकदेव मुनि ने दूर किया। भागवत का बड़ा महत्व है। मानव जीवन को कष्टों से मुक्ति दिलाती है। शुकदेव आगमन, धुव्र चरित्र , सती चरित्र, शिव परिवार, राजा परीक्षित की कथा का सुन्दर वर्णन किया। उन्होंने बताया कि राजा परीक्षित ने तपस्या में लीन श्रमिक ऋषि के गले में मरा हुआ सांप डाल दिया। श्रमिक ऋषि के पुत्र श्रृंगी ऋषि ने जब यह देखा तो उन्होंने राजा परीक्षित को श्राप दे डाला कि आज से सातवें दिन तक्षक सर्प के डसने से तुम्हारी मृत्यु हो जायेगी। राजा परीक्षित को जब इस बात का अहसास हुआ तो वे बहुत ही दुखी हुए ओर अपना राज-पाट सब कुछ छोडकर नदी के किनारे जा बैठे। यही पर शुकदेव मुनि ने उन्हें कथा सुनाई। अशोक गर्ग, बोबी शर्मा, पंकज गोयल, विकास राजवंशी, विशाल राजवंशी, राघव गर्ग, तपन गर्ग, मयंक गर्ग, शेाभित मित्तल, प्रतीक, अंकुर सिंघल, संजय शर्मा, अनुराग शर्मा, संदीप सिंघल, आशीष वर्मा, आकाश वर्मा, संजय सिंघल, विजय गुप्ता आदि मौजूद रहे।