हर दिल मुरादे पा गया..या अली-या अली
मुजफ्फरनगर। हजरत अली के जन्मदिवस पर मोहल्ला अबूपुरा पंचदरा सादात में जश्न-ए अली बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर हुए कार्यक्रम में हजरत अली की शान में पाठ किया गया। सैय्यद हसन रजा ने हदीस पाठ और अब्दुल कलाम कलीम देहलवी ने तिलावत-ए कलाम पाक पढ़ा। इसके बाद महफिल का आगाज किया गया।
जिगर मुजफ्फरनगरी ने पढ़ा बीनाई में होता है जिगर रोज इजाफा, आंखों से कफे पाए नबी चूम रहा हूं। डॉ शाहवेज ने कहा कि आपके दर पे मैं आ गया या अली, या अली, या अली, हर मुरादे दिली पा गया या अली, या अली, या अली सुनाया। अदील ने गुमरही की किताब मत देखो, रात में आफताब मत देखा सुनाकर वाहवाह लूटी। हैदर ने पढ़ा हैसियत में तो जर्रा बराबर ना थे, इश्कें हैदर में क्या से क्या हो गए। हकीम शाहिद ने मिसाल कर गया कायम घराना हैदर का, लुटा के दीन पे सरमाया जिंदगी भरकर कलाम पेश किया। सुनील उत्सव ने इस कदर बिगड़ा हुआ है आजकल वातावरण, एक पैगंबर भी कम है एक बस्ती के लिए पढ़ा है। मुनव्वर जानसठी ने असगर ने मुस्कुराके ये एलान कर दिया, मेरी रगो में फातिमा जहरा का शीर है। अनवर रजा ने जश्ने हैदर है सबको बता दीजिए, नाराए हैदरी सब लगा दीजिए सुनाया है। इनके अलावा खुर्शीद, कलीम, अब्दुल हक ने भी अपना कलाम पेश किया। अध्यक्षता नजम ने तथा संचालन महेंद्र सिंह अश्क ने किया। संयोजक सैयद जैगम मियां जैदी रहे।