युवाओं को सड़क हादसे रोकने का प्रशिक्षण मिलेगा
मुजफ्फरनगर। अनट्रेंड वाहन चालकों के कारण प्रतिदिन होने वाली सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार अब युवाओं को ड्राइविंग की ट्रेनिंग देगी। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय इसके लिए प्रत्येक मंडल पर एक ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोल रहा है। डीएम से इसके लिए पांच एकड़ जमीन उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
सड़क हादसों में लगातार बढ़ रही मौतों से सरकारें भी चिंतित हैं। अकेले मुजफ्फरनगर जिले में ही सड़क हादसों में प्रतिमाह 30 से अधिक लोगों की मौत होती हैं। सरकार का मानना है कि वाहन चालकों का प्रशिक्षित नहीं होना हादसों का बड़ा कारण है। सरकार का प्रयास यह है कि ड्राइविंग के क्षेत्र में भविष्य बनाने वाले युवाओं को प्रशिक्षित किया जाए। इसी से हादसों में कमी आएगी। केंद्र सरकार के आदेश के बाद कौशल विकास मिशन में सचिव भुवनेश कुमार ने डीएम को एक पत्र जारी किया है। इस पत्र में ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के लिए पांच एकड़ जमीन उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। जमीन ढूंढने की कार्रवाई 15 दिन में पूरी करने के लिए कहा गया है। डीएम ने परियोजना निदेशक विक्रम सिंह को जमीन उपलब्ध कराने के लिए कहा है। पीडी ने बताया कि जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन उपलब्ध होते ही शासन को सूचना भेज दी जाएगी।