श्रवणमास यानी सावन। इस बार भोले बाबा की असीम कृपा भक्तों पर बरसेगी। बाबा पांच सोमवार तक अमृत वर्षा करेंगे। इस बार सावन में पांच सोमवार का योग बन रहा है, जो करीब 50 साल बाद ऐसा हो रहा है। जिसके चलते सावन का अधिक महत्व बढ़ गया है। वहीं, पहले सोमवार को पंचामृत से पूजा-अर्चना करने पर विशेष फल मिलेगा।
सावन मास 10 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस बार शिवभक्तों पर भोले बाबा विशेष कृपा बरसाएंगे। सावन महीने में पांच सोमवार पड़ रहे हैं। जिसके कारण सावन का अधिक महत्व और विशेष योग बन गया है। प्रमुख ज्योतिषाचार्य पंडित हेमंत शास्त्री के मुताबिक पांच का अंक हिंदू धार्मिक और सांस्कृतिक विचारों में विशेष रहा है। सावन में पांच सोमवार का संयोग 50 साल बाद बन रहा है। वहीं, सावन के आखिरी सोमवार का समापन सात अगस्त को राखी पर्व के दिन चंद्रग्रहण के साथ संपन्न होगा। सावन दस जुलाई को योग, उत्तरा आषाढ़ नक्षत्र से शुरू होकर सात अगस्त तक चलेगा। तीसरे सोमवार 24 जुलाई को पुष्य नक्षत्र रहेगा।
पहले सोमवार को इस तरह करें पूजा
मुजफ्फरनगर। सावन का पहला सोमवार भी विशेष महत्व रखता है। इसी रोज से कांवड़ यात्रा प्रारंभ होगी। भोलेबाबा के भक्त जल उठाने के लिए चलेंगे। वहीं शिवालयों में भी खासी भीड़ होगी। पंडित हेमंत शास्त्री ने बताया कि पहले सोमवार की पूजा के लिए भक्तों को पंचामृत से पूजा-अर्चना करनी चाहिए। पंचामृत बनाने के लिए दूध, दही, शहद, घी और बूरा (सफेद मीठा) का प्रयोग करें। इसके मिश्रण से भोले बाबा पर प्रसाद चढ़ाएं।