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13,806 फर्जी किसान कर रहे थे गन्ना आपूर्ति

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13,806 fake farmers were supplying sugarcane
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13,806 फर्जी किसान कर रहे थे गन्ना आपूर्ति
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मुजफ्फरनगर। जिले में 13,806 फर्जी किसान गन्ना आपूर्ति कर रहे थे। गन्ना विभाग के सर्वे और राजस्व रिकार्ड से मिलान के बाद यह खुलासा हुआ है। इनमें 4725 मृतक किसानों के नाम से भी गन्ना आपूर्ति हो रही थी। जांच में 853 तो ऐसे गन्ना किसान मिले हैं, जिनके पास राजस्व रिकार्ड में जमीन ही नहीं है।
गन्ना विभाग के अधिकतम कार्य ऑनलाइन हो जाने के बाद भी फर्जीवाड़ा रुकने का नाम नहीं ले रहा। प्रदेश के गन्ना आयुक्त के निर्देश पर इस बार गन्ना पर्यवेक्षकों ने खेतों पर जाकर सर्वे किया। यही नहीं राजस्व रिकार्ड से गन्ना किसानों का मिलान कराया गया। यह मिलान होते ही जिले में चल रहा बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। जिले की आठ चीनी मिलों पर दस गन्ना समितियों के माध्यम से 670 गांवों को गन्ना आता है। इसमें कुछ बागपत और मेरठ जिले के गांव भी लगे हैं। जिले में गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों की संख्या दो लाख 13 हजार 85 है। इसमें एक लाख 81 हजार 802 किसानों के राजस्व रिकार्ड का मिलान गन्ना आपूर्ति से किया गया। सर्वे और राजस्व रिकार्ड से मिलान के बाद 853 तो ऐसे गन्ना किसान सामने आए, जिनके पास जमीन ही नहीं है। ये किसान 628 हेक्टेयर जमीन की गन्ना आपूर्ति कर रहे थे। चार ऐसे फर्जी कृषक मिले, जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं है। इन किसानों के नाम .54 हेक्टेयर गन्ने की आपूर्ति पाई गई। 4725 मृतक किसानों के नाम से 3276 हेक्टेयर जमीन के गन्ने की आपूर्ति सामने आई। 1911 ऐसे किसान सामने आए, जो डबल सट्टे का लाभ उठा रहे थे। एक गांव में होते हुए दो चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति कर रहे थे। 6313 ऐसे किसान जांच में सामने आए, जो कम भूमि होते हुए अधिक गन्ने की आपूर्ति कर रहे थे। इन किसानों के द्वारा 2258 हेक्टेयर जमीन के गन्ने की अधिक आपूर्ति की जा रही थी। जिले में मिले 13806 फर्जी किसान 7134 हेक्टेयर गन्ने की आपूर्ति कर रहे थे। (संवाद)
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दो माह तक चला सर्वे
मुजफ्फरनगर। जिला गन्ना अधिकारी आरडी द्विवेदी ने बताया कि एक अगस्त से 30 सितंबर तक सर्वे और राजस्व मिलान का कार्य हुआ। गन्ना पर्यवेक्षकों ने खेतों में जाकर सर्वे किया और गन्ना आपूर्ति का मिलान राजस्व रिकार्ड से किया। दो माह की मेहनत का नतीजा है कि मृतक, डबल, भूमिहीन, कम जमीन पर अधिक आपूर्ति वाले किसान चिह्नित हो गए। एक लाख सात हजार बीघा जमीन के गन्ने की फर्जी तरीके से आपूर्ति मिली है। इसके पकड़े जाने से आम किसान की गन्ना आपूर्ति को लाभ मिलेगा।
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