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कवाल कांड:-उम्र कैद की सजा के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील दायर

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कवाल कांड : उम्रकैद की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर
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मुजफ्फरनगर। दंगे की वजह बने बहुचर्चित कवाल कांड में मलिकपुरा के ममेरे भाइयों सचिन और गौरव की हत्या के केस में अदालत से हुई सात मुजरिमों को उम्रकैद की सजा के खिलाफ उनके परिजन हाईकोर्ट प्रयागराज की शरण ली। शुक्रवार को मुजरिमों के परिजनों ने अपने अधिवक्ता के द्वारा उम्रकैद की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की है।
साढ़े पांच वर्ष पहले जिले की जानसठ कोतवाली क्षेत्र के गांव कवाल में 27 अगस्त, 2013 को यह लोमहर्षक वारदात हुई थी। कवाल में मलिकपुरा के ममेरे भाइयों सचिन और गौरव की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। पांच साल चली लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने आठ फरवरी को सचिन और गौरव के हत्या के मामले में सभी सातों आरोपियों मुजस्सिम और उसके भाई मुजम्मिल पुत्र नसीम अहमद, फुरकान पुत्र फजला, जहांगीर और उसके भाई नदीम पुत्र सलीम, अफजाल और उसके भाई इकबाल पुत्र बुंदू निवासीगण कवाल को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। साथ ही अदालत ने सभी गुनहगारों पर 14 लाख 84 हजार का अर्थदंड भी लगाया था। वर्तमान में सभी मुजरिम जेल में बंद है। दोहरे हत्याकांड में उम्र कैद की सजा काट रहे मुजरिमों के अधिवक्ता मोहसीन जैदी ने बताया कि उम्र कैद की सजा के खिलाफ शुक्रवार को हाईकोर्ट प्रयागराज में अपील दायर की गई है।
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शाहनवाज हत्याकांड में 11 मार्च को सुनवाई होगी
मुजफ्फरनगर। कवाल कांड में ममेरे भाइयों सचिन और गौरव की हत्या के साथ ही कवाल निवासी शाहनवाज का भी मर्डर हुआ था। मृतक शाहनवाज की हत्या के मुकदमे के वादी उसके पिता सलीम ने मामले में एसआईसी की एफआर लगने के बाद कोर्ट में 16 नवंबर 2015 को निजी परिवाद दाखिल किया था। न्यायालय ने इसे स्वीकार करते हुए 30 मई 2018 को गवाहों के बयान के आधार पर केस के आरोपियों रविंद्र सिंह, प्रहलाद, बिशन सिंह, तेंदू, देवेंद्र और जितेंद्र को धारा 302 के तहत तलब किया था। आरोपियों के कोर्ट में पेश नहीं होने पर गैर जमानती वारंट हो चुके है। इस केस में शुक्रवार को कोर्ट में तारीख थी। वादी के अधिवक्ता मोहसीन जैदी ने आरोपियों के खिलाफ कुर्की वारंट जारी करने का प्रार्थना पत्र दिया, जिस पर अदालत ने 11 मार्च का तारीख लगाई। उधर, एनबीडब्लू जारी होने पर भी आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुए।
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