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किशोर की हत्या में तीन को आजीवन कारावास

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तीन हत्यारों को आजीवन कारावास
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मुजफ्फरनगर। फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या तीन ने 14 वर्ष पहले मंसूरपुर में दीपावली की रात हुई 12 साल के हिमांशु की हत्या के मामले में तीन हत्यारों को दोषी करार देकर आजीवन कारावास और डेढ़ लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माना में से एक लाख रुपये मृतक की मां को देने के आदेश दिए हैं।
मंसूरपुर थाने पर 12 नवंबर 2004 को मंसूरपुर निवासी राजेंद्र कुमार ने यह मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसका 12 साल का भांजा हिमांशु दीपावली की रात घर पर था, तभी पड़ोसी रमेश का बेटा उसे पटाखे छुड़ाने के बहाने अपने मकान की छत पर ले गया, जहां पर उक्त रमेश, उसके बेटे के अलावा अशोक उर्फ बुद्धु और प्रमोद ने हिमांशु की सीने में छुरी घोंप कर हत्या कर दी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके अभियुक्तों को जेल भेज दिया था। अभियुक्त रमेश का बेटा नाबालिग होने पर उसका मुकदमा किशोर न्याय बोर्ड में ट्रांसफर हो गया था। बाकी तीनों अभियुक्तों रमेश, अशोक और प्रमोद का मुकदमा एडीजे अशोक कुमार की अदालत एफटीसी-3 में सुना गया। एडीजीसी नरेश कुमार शर्मा और वादी के अधिवक्ता मांगेराम शर्मा ने कोर्ट में सात गवाह और सबूत पेश किए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनते हुए तीनों अभियुक्तों रमेश, अशोक उर्फ बुद्धू और प्रमोद को दोषी करार देते हुए हत्या में आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माने की धनराशि में से एक लाख रुपये मृतक हिमंाशु की मां को देने के आदेश दिए है।
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क्रास केस में पिता-पुत्र बरी
मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर में हुई हिमांशु की हत्या के बाद आरोपी पक्ष ने वादी पक्ष के खिलाफ भी जान से मारने की धाराओ में मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसमें राजेंद्र कुमार और उनके बेटों विवेक, प्रभात कुमार, नीटू को आरोपी बनाया था। यह मुकदमा भी एफटीसी-3 में सुना गया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता मांगेराम शर्मा ने बताया कि अदालत ने साक्ष्य के अभाव में राजेंद्र कुमार, प्रभात कुमार, विवेक और नीटू को दोष मुक्त कर दिया है।
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