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घायलों की सूची में गड़बड़झाला

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घायलों की सूची में गड़बड़झाला
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मुजफ्फरनगर। ट्रेन हादसे के घायलों की संख्या को लेकर असमंजस के हालात पैदा हो गए हैं। प्रशासन, जीआरपी और स्वास्थ्य विभाग की घायलों की सूची में गड़बड़झाला है। अभी तक जो सूची तैयार हुई है, उसमें घायलों की संख्या में ही बड़ा अंतर है। ऐसे में घायलों की संख्या को निर्धारित करने और मुआवजा देने में मुश्किलें खड़ी होंगी। प्रशासन ने फिलहाल शासन को भेजी रिपोर्ट में 22 मृतकों और 178 घायलों के लिए मुआवजे की मांग की है। उधर, जीआरपी की सूची में 125 घायलों के नाम दर्ज किए गए हैं।
उत्कल ट्रेन हादसे के मृतकों और घायलों को सरकार ने मुआवजे की घोषणा की है। मृतकों की संख्या 22 स्पष्ट हो गई है। घायलों की संख्या को लेकर दुविधा की स्थिति है। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा के मुताबिक सभी सरकारी अस्पतालों और निजी हॉस्पिटल की गिनती के बाद उनके पास 203 की संख्या आई है। सीएमएस पंकज अग्रवाल ने जिला चिकित्सालय में आने वाले घायलों की संख्या 66 बताई है। अन्य हॉस्पिटल की जानकारी होने से उन्होंने इंकार किया। रेलवे पुलिस के पास घायलों की संख्या एकदम अलग है। मुजफ्फरनगर जीआरपी एसओ कृष्ण अवतार का कहना है कि उनके पास 125 घायलों की सूची है, जो कि सभी जगह से एकत्र की है। प्रशासन की ओर से मुआवजे का कार्य देख रहे एडीएम वित्त सुनील कुमार सिंह ने बताया कि हमें कुछ हॉस्पिटल से अलग-अलग सूची मिली हैं। इन सूची में ऐसे नाम अधिक हैं, जिनका नाम खतौली सीएचसी, मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज और जिला चिकित्सालय तीनों की सूची में है। घटना के बाद घायल रेफर होते रहे हैं और उनका नाम सभी सूची में दर्ज होता रहा। सूची में जो नाम दो बार लिख दिए गए, उन्हें निरस्त कराकर 98 घायलों की सूची तैयार की गई है। सीएमएस ने उन्हें 22 मृतकों और 178 घायलों के नाम दिए थे। फिलहाल शासन को सीएमएस की सूची मुआवजे के लिए भेज दी गई है। एडीएम सुनील सिंह का कहना है कि हमारा प्रयास यह है कि कोई भी घायल बिना मुआवजे के न रहे, जो नाम डबल होंगे वह निकल जाएंगे। हादसे में जो लोग घायल हुए हैं, उन सबको को मुआवजा राशि मिलेगी।
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मुआवजे की फोन पर दी जाएगी जानकारी
मुजफ्फरनगर। एडीएम वित्त ने बताया कि ट्रेन हादसे के मृतकों और घायलों के परिजनों के मोबाइल नंबर प्रशासन के पास उपलब्ध हैं। मुआवजा आते ही उन सबको सूचित कर दिया जाएगा। मुआवजा वितरण की पूरी व्यवस्था अलग से रहेगी, जिससे किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े।
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