तब्लीगी जमात से जुड़े 12 नेपाली बिना बताए चले गए
मुजफ्फरनगर। दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज की तब्लीगी जमात से जुड़े 12 नेपाली नागरिक लॉकडाउन खुलते ही कोर्ट से जमानत मिलने पर पुलिस को सूचना दिए बगैर ही जनपद से रवाना हो गए हैं। गांव न्याजूपुरा की मस्जिद में क्वारंटीन किए गए विदेशी जमाती कहां और किस माध्यम से गए हैं, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।
कोरोना संक्रमण के शुरूआती दौर में शहर से सटे गांव न्याजूपुरा स्थित जामा मस्जिद में 12 विदेशी (नेपाली मूल) जमाती चिह्नित किए गए थे, जो बिना प्रशासनिक अनुमति के न्याजूपुरा में ठहरे थे। प्रशासन ने इन नेपाली जमातियों को जामा मस्जिद में ही क्वारंटीन कर उनके खिलाफ शहर कोतवाली में लॉकडाउन उल्लंघन धारा-188 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फिर इनके सैंपल लेकर जांच को भेजे और जामा मस्जिद से निकालकर रुड़की रोड स्थित केंद्र में क्वारंटीन कर दिया गया था। जांच रिपोर्ट नेगेटिव आने पर इन्हें फिर से न्याजूपुरा स्थित जामा मस्जिद में क्वारंटीन कर दिया गया था। तब से ये जमाती पुलिस की निगरानी में रह रहे थे। गत 26 मई से जनपद में न्यायालय खुल गए थे। नेपाली जमातियों को जमानत मिल गई थी तो, पुलिस ने निगरानी हटा ली थी। गत चार जून को सभी नेपाली जमाती बिना किसी को सूचना दिए जनपद से रवाना हो गए हैं।
शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनिल कपरवान का कहना है कि नेपाली जमातियों के गत चार जून को यहां से चले जाने की जानकारी मिली है। ये कहां, किस माध्यम से और किससे अनुमति लेकर गए, इसकी जानकारी कराई जा रही है।
एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि नेपाली जमातियों को कोर्ट से जमानत मिल गई थी। उनके नाम व मोबाइल नंबर पुलिस के पास सुरक्षित हैं। जरूरत पड़ने पर उनसे संपर्क किया जाएगा।