मुजफ्फरनगर। करीब चार माह पूर्व अलमासपुर चौराहे पर लावारिस मिली नौ साल की मासूम बच्ची को बाल कल्याण समिति पदाधिकारियों द्वारा उसके बिहार के पटना निवासी माता-पिता को बुलाकर उन्हें सौंप दिया गया।
नई मंडी के अलमासपुर चौराहे पर विगत 21 अप्रैल को एक नौ साल की बच्ची लावारिस हालत में मिली थी, जिसे डायल-100 ने बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया था। पूछताछ में बच्ची ने अपना नाम प्रेमनी, मां का नाम सविता देवी व पिता का नाम प्रमोद कुमार निवासी बिहार के पटना के गांव डिगहा बताया था। बाल कल्याण विभाग से बच्ची को बाद में आदर्श कॉलोनी स्थित आदर्श बाल गृह में भेज दिया गया था। बाल गृह की अधीक्षक रेनू रानी व व्यवस्थापिका मिथलेश शर्मा ने बताया कि यहां पूछताछ में बच्ची ने खुद को शामली के कैराना निवासी एक महिला के घर में बंधक बनाकर रखे जाने और वहां घरेलू नौकरानी का काम लिए जाने की जानकारी दी थी। इस पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अजय कुमार व नीना त्यागी के साथ मिलकर शामली पुलिस के साथ उक्त महिला के घर दबिश दी गई थी, जहां कई अन्य बच्चे भी बंधुआ मजदूर के रूप में काम करते मिले थे। इसके बाद बाल कल्याण समिति व आदर्श बाल गृह पदाधिकारियों ने बच्ची के परिजनों की तलाश में पटना के डिगहा थाना पुलिस से संपर्क किया गया तो उन्होंने बच्ची के फोटो आदि देखकर अपने यहां उसके अपहरण की एफआईआर दर्ज होने की जानकारी दी। बच्ची के परिजनों की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद उन्हें यहां बुलाया गया था। शुक्रवार को बच्ची के परिजन पटना पुलिस के साथ यहां पहुंचे, जहां मासूम को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। इस दौरान विवेक त्यागी, बिलकिस त्यागी, राजीव बंसल व अशोक शर्मा आदि मौजूद रहे।