सीएमओ ऑफिस की बिल्डिंग को नए सिरे से विकसित करने का मसौदा तैयार किया गया है। इसके लिए निर्माण इकाई विभाग के इंजीनियर प्रपोजल बनाने में जुटे हैं, ताकि इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जा सके। इस काम के लिए विभाग को करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ेंगे।
स्वामी कल्याणदेव जिला चिकित्सालय परिसर के एक छोर पर सीएमओ ऑफिस बना है। जहां ऑफिस है, वह जगह मौजूदा अधिकारियों, कर्मचारियों के लिहाज से कम है। ऐसे में एक कक्ष में दो-दो अधिकारियों को बैठाकर कार्य किया जा रहा है। इतना ही नहीं, सीएमओ बिल्डिंग के कई कमरों में खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी भी अपना कार्य करते हैं। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग में आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आम व्यक्ति परेशान होकर एक-दूसरे कार्यालय में भटकता रहता है। जगह कम होने से दुविधाएं खड़ी हो गई हैं। इससे निजात पाने के लिए बिल्डिंग को नए सिरे से विकसित करने की योजना तैयार की गई है। पूरी बिल्डिंग को चारों कोनों पर पिलरों के सहारे खड़ा किया जाएगा। करीब 12 फीट ऊंचा एक पिलर बनेगा। उसके ऊपर सीएमओ ऑफिस के कार्यालयों को रखा जाएगा। प्रत्येक अधिकारी को अलग से कक्ष देने की तैयारी है। करोड़ों रुपये के बजट से नई बिल्डिंग तैयार होगी। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि बिल्डिंग को नया रूप देने के लिए निर्माण विभाग से प्रपोजल तैयार कराया जा रहा है। उसके बाद प्रपोजल शासन को भेजा जाएगा। वर्तमान अधिकारियों, कर्मचारियों के लिए पर्याप्त जगह नहीं है।
बिल्डिंग में बैठते हैं सात एसीएमओ
मुजफ्फरनगर। मौजूदा बिल्डिंग में सात एसीएमओ और उनके बाबू, कर्मचारी बैठते हैं। एक कक्ष में दो अधिकारी होने से कार्य में गति नहीं हो पा रही है। साथ ही कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए कोई मीटिंग हॉल तक नहीं बना है। दूसरे विभागों के हॉल में मीटिंग करनी होती है। इससे भी दिक्कतें खड़ी हो गई है।
नीचे रहेगी पार्किंग, ऊपर अधिकारी
मुजफ्फरनगर। बिल्डिंग को इस प्रकार डिजाइन के साथ तैयार किया जाएगा कि नीचे से पूरी तरह खाली रहेगी। यहां अधिकारियों और कर्मचारियों के वाहनों की पार्किंग की जा सकेगी, जबकि ऊपरी हिस्से में अधिकारियों के कार्यालय बनाए जाएंगे।