फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हायर सेंटर के बजाए निजी हॉस्पिटस पहुंचाया मरीज

विज्ञापन
विज्ञापन
रेफर के नाम पर निजी हॉस्पिटस पहुंचाया मरीज
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के कारनामों ने होश उड़ा दिए हैं। गंभीरावस्था में हायर सेंटर मेडिकल मेरठ के लिए रेफर की गई महिला को एंबुलेंस चालक निजी अस्पताल में भर्ती कराया आया। निजी अस्पताल में महिला के इलाज की एवज में रुपये मांगे तो परिजनों ने इंकार कर दिया। मामला सीएमओ तक पहुंचने से विभाग में हड़कंप मचा है। विभागीय स्तर से चालक की तलाश की जा रही है।
शहर की उत्तरी रामपुरी निवासी महिला शकुंतला पत्नी ओमपाल रोहाना क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। घायल महिला को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। यहां से प्राथमिक उपचार के बाद महिला को गंभीरावस्था में हायर सेंटर मेेडिकल कॉलेज मेरठ के लिए रेफर किया गया। यहीं से घायल महिला के साथ खेल शुरू हुआ। विभागीय अधिकारी प्राइवेट एंबुलेंस से महिला को मेरठ जाना मान रहे हैं, जबकि परिजनों ने बताया कि अस्पताल से ही पंकज नामक चालक मिला जो उन्हें मेरठ के लिए लेकर गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

उक्त चालक ने महिला को मेडिकल कॉलेज में भर्ती न कराकर मेरठ में ही एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। निजी अस्पताल में उपचार के नाम पर परिजनों से 1.40 लाख रुपये एक दिन के मांगे। रुपये न देने तक पर निजी अस्पताल ने महिला का उपचार बंद कर उसे बंधक बना लिया है। इसको लेकर ओमपाल ने सोमवार को सीएमओ डॉ. पीएस मिश्रा समेत अस्पताल के अधिकारियों ने पत्नी को डिस्चार्ज कराए जाने के साथ चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। चालक पंकज को स्वास्थ्य विभाग में संविदा कर्मचारी के रूप में तैनात बताया गया है, जबकि विभाग इससे हाथ खड़े कर रहा है। सीएमएस डॉ. पंकज अग्रवाल ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। यदि अस्पताल परिसर का कोई कर्मचारी इसमें लिप्त है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। हालांकि मरीज को विभागीय चालक या कर्मचारी प्राइवेट अस्पताल में भर्ती नहीं करा सकता है। मामले पर जांच बैठाई गई है, जल्द ही दोषी को पकड़ा जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें