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डग्गामारी में रसूखदारों पर अधिकारी मेहरबान

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रसूखदारों पर अधिकारी मेहरबान, डग्गामारों पर कार्रवाई से बच रहा एआरटीओ विभाग
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मुजफ्फरनगर। डग्गामारों पर विभागीय अफसर मेहरबान हैं। सरपट दौड़ रहे इन वाहनों पर एआरटीओ अंकुश लगाने में विफल है, जबकि छोटे वाहनों को यातायात नियमों के नाम पर पकड़कर सीज करने के साथ चालान काटे जा रहे हैं। डग्गेमारी में सक्रिय सफेदपोशों के चलते प्रशासन भी कार्रवाई से हाथ पीछे खींच रहा है।
योगी सरकार ने ओवरलोड, डग्गामार वाहनों पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के आदेश दिए। परिवहन आयुक्त ने भी जिले में दौड़ रही डग्गामारी पर नाराजगी जाहिर की। इसको लेकर रोडवेज, यातायात और एआरटीओ को संयुक्त रूप से 15 दिनों तक अभियान चलाकर डग्गामारों पर कार्रवाई के आदेश दिए। अभियान भी चला और कार्रवाई भी की गई, लेकिन महज कागजों का पेट भरकर काम पूरा किया गया।
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डग्गेमारी के असल जिम्मेदार लोगों पर एआरटीओ से लेकर प्रशासन तक ने आंखें मूंद लीं। नतीजा, अस्पताल तिराह, महावीर चौक, रामपुर तिराहा, बुढ़ाना रोड समेत मेरठ रोड पर खुलकर डग्गामारी की जा रही है। इतना ही नहीं, डग्गामारी में बड़े सफेदपोश शामिल हैं। जिन पर कार्रवाई करने से विभाग पीछे हट रहा है। बाइक सवारों, छोटे वाहनों को पकड़ कर यातायात नियमों के नाम पर चालान और वसूली की जा रही है। एआरटीओ प्रशासन राजीव कुमार बंसल ने बताया कि डग्गामारों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। विभागीय स्तर पर जिन बसों का परमिट नहीं है, उन्हें सीज करने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
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हमले के बाद से रोके कदम
एआरटीओ प्रशासन राजीव कुमार बंसल प्रवर्तन का कार्य देख रहे हैं। बीते दिनों सहारनपुर रोड पर गांव मलीरा में एआरटीओ राजीव और प्रवर्तन सिपाही मुकेश पर डग्गामार बस चालक और उसके साथियों ने हमला किया था। इसके बाद से विभागीय अधिकारियों ने अभियान चलाने से गुरेज कर लिया है।
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