विद्यार्थियों ने पूजा अर्चना की
मोरना। शुक्रताल के मां पीतांबरा धाम में चल रहे मां बगुलामुखी जयंती समारोह का सोमवार को समापन हो गया। हरिद्वार से पधारे स्वामी महेंद्रानंद महाराज ने कहा कि मानव शुद्ध चित्त होकर कथाओं के उपदेशों का मनन करें। ऐसा करने से क्लेश, कलाप मानव को छू भी नहीं सकेंगे और वह कर्म बंधन से मुक्त होने से उसकी गति हो जाएगी।
मां बगलामुखी की पूजा-अर्चना की गई। सोमवार को अंतिम दिन वेदपाठी आचार्य पवन शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूर्ण वैदिक में पूर्ण आहुति संपन्न कराई गई। वहीं, 81 फुट ऊंची विशाल मां बगलामुखी प्रतिमा का चरणाभिषेक कर पूजन किया गया। स्वामी अयोध्या प्रसाद महाराज के सानिध्य में विद्यार्थियों ने संस्कृत श्लोकों को उच्चारण कर पूजा अर्चना की। स्वामी सत्यानंद महाराज, स्वामी माधवचार्य महाराज, स्वामी जगदीशानंद महाराज, स्वामी भगतानंद महाराज आदि ने श्रद्धालुओं को सत्संग कराकर धर्म लाभ कराया। आयोजन में प्रमोद कुमार, विनोद शर्मा, अमरीश, कृष्ण कुमार सैनी, प्रमिला सैनी, लालावती, सुमन शर्मा ने मुख्य भूमिका निभाई।