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449 किसानों से ऋण माफी के 10.59 लाख होंगे वापस

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अधिकारियों की जांच में अपात्र पाए गए किसान
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मुजफ्फरनगर।
कृषि ऋण मोचन योजना में अफसरों की लापरवाही से 449 अपात्रों का 10.59 लाख का ऋण माफ कर दिया गया। लंबी जांच प्रक्रिया के बाद मामले का खुलासा हुआ। अपात्रों को वितरित कर दी गई रकम को वापस राजकोष में जमा कराने के लिए जिला सहकारी बैंक को निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में जनपद के 4733 किसानों को सबसे ज्यादा 25.47 करोड़ की ऋण माफी दी गई थी।
प्रदेश सरकार की कृषि ऋण मोचन योजना में अफसरों की चूक से करीब 10.59 लाख रुपया सहकारी समितियों को स्थानांतरित कर दिया गया। योजना के अंतर्गत एक अप्रैल 2014 से 31 मार्च 2016 के मध्य वितरित कृषि ऋणों को एक लाख रुपये तक ऋण माफी दी गई थी। जिला सहकारी बैंक से जुड़ी 68 सहकारी समितियों को ऋण मोचन राशि के रूप में 25 करोड़ 47 लाख 52 हजार 23 रुपए जारी किए गए थे। 4733 किसानों को ऋण माफी का लाभ मिला था। सूबे में सहकारी बैंक से जुड़े किसानों को यह दी गई रकम सबसे ज्यादा थी। शासन के निर्देश पर ऋण मोचन योजना में निर्गत की गई धनराशि का सत्यापन किया गया। लंबी जांच प्रक्रिया के बाद मामला उजागर हुआ कि 449 अपात्रों को करीब 10.59 लाख रुपये गलत जारी किए गए हैं। जिला सहकारी बैंक सचिव, सहायक निबंधक सहकारिता और अग्रणी जिला प्रबंधक की जांच में पाया गया कि अलग-अलग कारणों से उक्त धनराशि अपात्रों को जारी की गई। एडीएम वित्त, सीडीओ, डीसीओ की जांच आख्या पर रिपोर्ट के बाद डीएम जीएस प्रियदर्शी ने लगभग 10.59 लाख रुपये प्रदेश के राजकोष जमा कराने के निर्देश दिए हैं। जिला सहकारी बैंक सहकारी ऋण समितियों को गलत जारी की गई ऋण की रकम को वापिस जमा कराएगा। ऋण योजना में पांच मामलों में पहले ही करीब 3.33 लाख रुपया राजकोष में वापिस किया जा चुका है।
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एक के खिलाफ थी एफआईआर
मुजफ्फरनगर। सहकारी समिति के एक किसान के खिलाफ एफआईआर दर्ज मिली, जिसे ऋण माफी योजना के अंतर्गत 75 हजार 437 रुपये का लाभ दे दिया गया था। 163 मामलों में 1.47 लाख ब्याज का अंतर पाया गया। 16 प्रकरण में किए गए ऑडिट में जिला सहकारी बैंक ने 25 हजार 840 रुपए अधिक जारी कर दिए। सहकारी समितियों ने कई मामलों में अधिक धनराशि का दावा किया था, जिसके अंतर्गत 1.22 लाख की रकम वापस लेने का निर्णय लिया गया।
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कृषि ऋण मोचन योजना में जिला सहकारी बैंक से संबद्ध समितियों के कृषक सदस्यों को ऋण माफी का लाभ दिया गया है। जांच में 449 प्रकरण सामने आए, जिसमें करीब 10.59 लाख रुपए का राजस्व वापस राजकोष में जमा कराया जाएगा।
-प्रदीप सिंह, एआर कॉपरेटिव, मुजफ्फरनगर।
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