मुजफ्फरनगर। मोबाइल पर देर तक बातचीत करना अब महंगा पड़ेगा। कॉल रेट के साथ नेट पैक भी महंगा होने के आसार बढ़ गए हैं। टेलीकॉम कंपनियों ने शुक्रवार शाम से ही रिचार्ज व्यवस्था को बंद रखा हुआ है। वहीं, सेनिटरी नैपकिन पर भी पहले से अधिक पैसा खर्च करना पड़ेगा। उधर, रसोई में मसाले खाने का स्वाद जरूर बढ़ा सकेंगे। शनिवार को बाजार में मसालों, दाल, आटा-चावल की बिक्री अन्य के मुकाबले अधिक रही।
टेलीकॉम कंपनियों को अभी तक व्यापार करने के लिए पहले 15 प्रतिशत सेवा कर लगता था, जो अब तीन प्रतिशत बढ़ गया है, जिसके चलते टेलीकॉम कंपनियां अब 18 प्रतिशत टैक्स अदा करेंगी। इसके चलते टेलीकॉम कंपनियों ने 30 जून की सुबह से रिचार्ज सेवा को प्रभावित रखा हुआ है। जीएसटी के साथ ही नए रूप में रिचार्ज और नेट जारी किए जाएंगे, जिसका फोन यूजर्स पर विपरीत प्रभाव पड़ने वाला है। टेलीकॉम व्यापारी शहजाद अली ने बताया कि सभी कंपनियों ने ग्राहकों को मैसेज भेजकर जीएसटी पर अलर्ट किया है। फिलहाल नए पैक पर कंपनियों ने रोक लगा दी है। चार जुलाई के बाद नए सिरे से सेवाएं प्रारंभ होगी। उधर, सेनिटरी नैपकिन पर भी 12 प्रतिशत टैक्स लगेगा, जिससे इन उत्पादों पर पहले से अधिक चार्ज देना पड़ेगा। वहीं, बिक्री पर जीएसटी का पूरा प्रभाव रहेगा। छोटी लग्जरी कारें, बाइक और स्कूटरों की कीमतों में भी कमी होगी. जिससे मोटर व्हैकिल बाजार में तेजी आने के आसार बढ़ गए हैं। केंद्र सरकार ने रसोई का पूरी तरह से ख्याल रखा है।आम रूप से उपयोग होने वाली वस्तुओं को सस्ता कर दिया है। इससे निम्न और मध्यम वर्ग पर महंगाई का कोई असर नहीं पड़ने वाला है। रोजमर्रा की चीजों की खरीदारी के लिए लोगों ने परचून और थोक व्यापारियों के ग्राहकों की आमद बेहतर दर्ज की गई है। पहले मसालों पर 9 प्रतिशत टैक्स था, जो अब 5 प्रतिशत किया गया है। इससे इनकी कीमतों में गिरावट होगी। हालांकि शनिवार को व्यापारियों ने पुराने रेट पर ही मसालों की बिक्री की है।