गांव में सर्वे करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम।
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भोपा के गांव जौली में पानी से कैंसर फैलने की खबर से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। इसकी तस्दीक करने के लिए चिकित्सकों की टीम ने रविवार को गांव में डेरा डालकर सर्वे किया। दस लोगों में कैंसर के लक्षण मिले हैं, लेकिन एक को भी पानी से संबंधित यह बीमारी नहीं पाई गई है। अन्य वायरस के कारण कैंसर मिला है।
गांव जौली में पिछले दो वर्षों में कैंसर की बीमारी से दर्जनों लोगों के पीड़ित होने की अफवाह से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। यह कैंसर पानी से होना बताया गया। इसके चलते रविवार को एसीएमओ डॉ एसके अग्रवाल, डॉ वीके सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम जौली गांव पहुंची।
टीम ने घर-घर जाकर बीमार लोगों से बातचीत करने के साथ पानी, अन्य चीजों की जांच-पड़ताल की है। स्वास्थ्य कर्मी, आंगनबाड़ी, आशा की टीम बनाकर गांव में कैंसर से होने वाली मौत व वर्तमान में इस बीमारी की चपेट में आये मरीजों का सर्वे कराया गया। करीब दस लोगों में कैंसर के लक्षण मिले हैं।
इनमें एक को भी पानी से संबंधित वायरस का कैंसर नहीं पाया गया है। इन सभी रोगियों में कैंसर के लक्षण अलग-अलग क्रिया के हैं। डॉ एसके अग्रवाल ने बताया कि सर्वे के आधार पर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
इस दौरान ग्राम प्रधान शाह रजा नकवी ने पानी की जांच कराए जाने की मांग की है। टीम में जिला मलेरिया अधिकारी अलका रानी, मोरना प्रभारी संजीव कुमार, डॉ आरडी गौड, नीलम त्यागी, रेखा रानी, डॉ अनिल कौशिक, डॉ सतीश सैनी, मोहम्मद खालिद आदि शामिल रहे।