फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुस्लिम परिवार ने दिया हिंदू बच्ची को आसरा

Fri, 04 Oct 2013 01:08 PM IST
अमर उजाला, मुजफ्फनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
दंगों के बीच इंसानियत की फिर जीत हुई। चरथावल के अपने परिजनों से बिछुड़कर पहुंची चार साल की बालिका शिवानी को खालापार में एक मुस्लिम परिवार ने कई दिन तक आसरा दिया।
विज्ञापन


अपनी बच्ची को देखकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। सौहार्द का यह अनूठा किस्सा उन लोगों के लिए सबक है, जो धर्म के नाम पर एक-दूसरे का खून बहा रहे हैं।

वैसे तो दंगों की आग के बीच सांप्रदायिक सौहार्द के कई उदाहरण सामने आए हैं, लेकिन यह मामला परिवार से बिछुड़ी अनजान बच्ची का है, जिसे एक मुस्लिम फैमिली ने अपनों की तरह लाड़-प्यार दिया।
विज्ञापन


दरअसल, चरथावल निवासी विनोद की चार साल की बेटी शिवानी सरस्वती शिशु मंदिर में कक्षा एक की छात्रा थी। 24 सितंबर को वह स्कूल गई थी, लेकिन वापस नहीं आई। एक अर्द्धविक्षिप्त महिला शिवानी को अपने साथ शहर में ले आई।

25 सितंबर की रात पागल महिला के साथ बच्ची को देखकर दिलशाद पहलवान और उसके भाई आजम पहलवान को शक हुआ। बातचीत में समझ गए कि महिला अर्द्धविक्षिप्त है। शिवानी के बारे में पुलिस को सूचना देकर यह परिवार उन्हें अपने घर ले गया।

बालिका शिवानी को मुस्लिम परिवार ने अपने बच्चों की तरह रखा। नए कपड़े दिलाने के साथ उसके खान-पान का भी पूरा ध्यान रखा गया। गुरुवार को चरथावल का एक युवक स्कूटर ठीक कराने के लिए मीनाक्षी चौक पर आया था। इस बीच दिलशाद पहलवान के चचेरे भाई की दुकान पर पहुंचा था। बच्ची गायब होने की बात सुनकर दुकान मालिक उसे अपने साथ घर ले गया, जहां पर उसने शिवानी को पहचान लिया।

यह खबर मिलते ही चरथावल नगर पंचायत अध्यक्ष बीना त्यागी के पति सतेन्द्र त्यागी परिजनों को लेकर खालापार आ गए। बेटी को सकुशल पाकर विनोद की खुशी के आंसू छलक आए। पुलिस को विश्वास में लेकर शिवानी परिजनों के सुपुर्द कर दी गई।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें