सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने सपा का गढ़ मानी जाने वाली मैनपुरी सीट को छोड़ने की तैयारी कर ली है। माना जा रहा है कि वह 24 मई को मैनपुरी सीट से इस्तीफा दे देंगे। मुलायम के इस्तीफे से रिक्त होने वाली मैनपुरी सीट से उनके भतीजे रनवीर सिंह यादव के पुत्र तेज प्रताप यादव का चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है।
लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव प्रभारी एमएलसी नरेश उत्तम के साथ तेज प्रताप यादव को भी चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी दिए जाने को भी इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है। उधर स्थानीय सपा नेताओं ने भी उप चुनाव होने की दशा में तेज प्रताप को उम्मीदवार बनाने की मांग उठने लगी है।
मैनपुरी सीट प्रदेश की उन चुनिंदा सीटों में शामिल है जो सपा के लिए हर तरीके से महफूज मानी जाती है। पिछले तीन दशकों से मैनपुरी सीट पर मुलायम सिंह या उनके प्रत्याशी का ही कब्जा रहा है। राम लहर और मोदी लहर में भी भाजपा मैनपुरी सीट पर कब्जा करना तो दूर सपा को करारी टक्कर भी नहीं दे सकी।
तेज प्रताप यादव को मिली हरी झंडी
सपा सूत्रों के अनुसार आजमगढ़ में काफी कम अंतर से मिली जीत को देखते हुए सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने मैनपुरी सीट छोड़ने का निर्णय ले लिया है। राजनीतिक हलकों में कहा जाता है कि मुलायम सिंह यादव मैनपुरी सीट से जिसे चुनाव लड़ा देंगे वही चुनाव जीत जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक सपा नेतृत्व की ओर से उप चुनाव में मैनपुरी सीट से चुनाव लड़ने के लिए तेज प्रताप यादव को हरी झंडी दे दी गई है। हालांकि इस संबंध में तेज प्रताप यादव ने कहा कि उप चुनाव को लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। यदि पार्टी उन्हें चुनाव लड़ने का निर्देश देती है तो वह तैयार हैं।
सपा जिलाध्यक्ष खुमान सिंह वर्मा ने कहा कि पार्टी चुनाव के लिए तैयार हैं। पार्टी नेतृत्व जो फैसला लेगा उसी के अनुरूप काम किया जाएगा।
तेज प्रताप को विरासत में मिली राजनीति
तेज प्रताप सिंह यादव को राजनीति विरासत में मिली है। तेज प्रताप सपा मुखिया के सबसे बड़े भाई रतन सिंह यादव के पौत्र हैं। तेज प्रताप सिंह यादव के पिता रणवीर सिंह यादव सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के बेहद चहेते थे। भतीजे रणवीर के निधन के बाद तेज प्रताप सिंह यादव के प्रति सपा मुखिया का प्यार और बढ़ गया।
चुनाव के दौरान तेज प्रताप के बाबा रतन सिंह यादव का निधन हो गया। पिछले ब्लाक प्रमुख के चुनाव में सपा मुखिया के निर्देश पर तेज प्रताप सैफई के निर्विरोध ब्लाक प्रमुख चुने गए। लोकसभा चुनाव में चुनाव प्रभारी के रूप में तेज प्रताप ने अपनी राजनीतिक समझ और रणनीति का लोहा मनवाया है।