समाजवादी पार्टी के मुखिया शनिवार को पुराने रंग में नजर आए। खुलकर तो उन्होंने किसी का नाम तो नहीं लिया लेकिन बहुत कुछ कह गए। उन्होंने सीबीआई जांच की पीड़ा से लेकर देश के सामने खड़ी समस्याओं की चर्चा की। अंत में अखिलेश यादव को यह नसीहत भी दी कि आजम खां के तजुर्बे का लाभ उठाएं।
वैसे न तो अवसर राजनीतिक था और न ही मंच। नेता जी ने जब माइक संभाला तो लगा कि ज्यादा कुछ नहीं बोलेंगे। बोलना शुरू किया तो 45 मिनट तक बोल गए। यूपी से लेकर दिल्ली तक की बात। उन्होंने किसी का नाम तो नहीं लिया लेकिन कहा कि पिछले छह साल तक मैं किस तनाव में रहा हूं? यह कोई नहीं जान सकता। खेती से लेकर मवेशी तक देखे जा रहे थे। इशारा सीबीआई जांच की ओर था।
कांग्रेस व केंद्र सरकार को सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा लेकिन यह जरूर कहा कि देश एक गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है। यह संकट महंगाई और मंदी से लेकर देश की सीमा तक पर है। मुलायम सिंह ने कहा कि अभी तो देश संकट से बाहर निकल आया है लेकिन स्थिति यही रही तो आने वाले दिनों में संकट और गंभीर हो जाएगा।
सपा मुखिया ने कहा 84 कोसी परिक्रमा रोकी गई, संकल्प यात्रा रोकी गई। ऐसे लोगों के साथ जनता नहीं है। मोदी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में लोकसभा की 28 सीटें हैं, वहां के लोग प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं। यूपी में तो लोकसभा की 80 सीटें हैं। मजबूत कौन हुआ 28 सीट वाला या 80 सीट वाला।
इस मौके पर मुलायम सिंह ने प्रदेश के मंत्रियों को भी सलाह दी कि किसी फाइल को पढ़े बिना साइन न करें। क्योंकि आज प्रधानमंत्री पर इसी बात को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि उन्होंने भी फाइल पर साइन किया है।
प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को बताया ईमानदार
सपा मुखिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ईमानदारी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। यह सवाल उनकी ही पार्टी के कुछ नेता उठा रहे हैं लेकिन पब्लिक की राय तो यही है कि मनमोहन सिंह ईमानदार हैं।
आजम जिसको कहेंगे टिकट दे दूंगा, जिता देना
आगामी लोकसभा चुनावों की चर्चा करते हुए मुलायम सिंह यादव ने कहा कि रामपुर से आजम खां जिसको कहेंगे उसको टिकट मिलेगा। उन्होंने अपील की कि चाहे वो कोई भी हो उसे जीता देना।