ट्रेन में सफर के दौरान टिकट चेकिंग स्टाफ का वीडियो बनाना भारी पड़ सकता है। रेलवे इस प्रकार की गतिविधियों को गैरकानूनी मानता है। साथ ही सरकारी कार्य में बाधा है। इस मामले में टीटीई उसकी वीडियो बनाने वाले के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज करा सकता है।
पिछले कुछ समय में ट्रेन में टीटीई के व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उनके पैसे लेकर सीट देने की वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। अधिकारियों को भेजी गई रिकार्डिंग और वीडियो के आधार पर कार्रवाई भी हुई। इस मुद्दे को लेकर टीटीई की ओर से आरटीआई डाली गई।
जिसमें पूछा गया कि इस प्रकार से बिना इजाजत वीडियो बनाई सकती है। इसके जवाब में सचिव आईआरटीसीएसओ जोधपुर की ओर से जवाब दिया गया। कहा गया इस प्रकार की गतिविधि पर रोक लगाने के संबंध में कानूनी सकुर्लर नहीं है। लेकिन भारतीय रेल अधिनियम 1989 की धारा 145 और 146 के अनुसार के अंतर्गत टीटीई कार्रवाई कर सकता है और रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है।