मुरादाबाद। रेलवे द्वारा हाल ही में नया सर्कुलर जारी किया गया है। इसमें ट्रेनों से स्पेशल का टैग हटाकर उन्हें पुराने किराये और पुराने नंबरों से संचालित करने के लिए कहा गया है। इस निर्देश के बाद यात्रियों में अनारक्षित टिकटों की बिक्री, एमएसटी और पैसेंजर ट्रेनों के संचालन को लेकर असमंजस की स्थिति है। इस पर रेलवे ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पैसेंजर ट्रेनों के संचालन और एमएसटी के लिए यात्रियों को इंतजार करना होगा। साथ ही बुजुर्ग, दिव्यांग यात्रियों और खिलाड़ियों को किराये में रियायत देने के लिए भी कोई स्पष्ट निर्देश नहीं हैं।
अभी मंडल में सिर्फ चार पैसेंजर ट्रेनें चल रही हैं। केवल इनमें ही एमएसटी दी जा रही है। ऐसे में रेल से रोजोना सफर करने वाले यात्री लगातार अन्य पैसेंजर ट्रेनों को बहाल करने और एमएसटी लागू करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा बुजुर्गों, दिव्यांगों, बीमार यात्रियों और खिलाड़ियों को मिलने वाली छूट पर दिसंबर में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ज्ञात हो कि रेलवे अलग-अलग 53 श्रेणियों के पात्र यात्रियों को किराये में 25 से 100 प्रतिशत छूट प्रदान करता है। दिव्यांग, कैंसर रोगी, डायलिसिस, हीमोफिलिया, एड्स समेत अन्य गंभीर रोगों से पीड़ित व्यक्तियों को किराये में 50 से 100 प्रतिशत तक की छूट मिलती है। इसी तरह वरिष्ठ नागरिक, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं, छात्रों के शैक्षिक भ्रमण, शहीद की विधवाओं, कलाकार, खिलाड़ियों को भी रेल किराये में छूट का प्रावधान है। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित अध्यापकों को मेल एक्सप्रेस ट्रेनों के स्लीपर कोच में 50 प्रतिशत किराए में रियायत मिलती है। कैंसर पीड़ित को अकेले या सहचर के साथ स्लीपर और थर्ड एसी में 100 प्रतिशत किराये में छूट, फर्स्ट एसी और सेकंड एसी में 50 फीसदी रियायत दी जाती है। किडनी प्रत्यारोपण ऑपरेशन, डायलिसिस, थैलेसीमिया, शल्य चिकित्सा, हीमोफिलिया, टीबी, असंक्रामक कुष्ठ रोग, ओस्टोमी सिकल सैल, एप्लास्टिक रोगों के पीड़ितों को सहचर के साथ 50 से 75 प्रतिशत तक की रियायत दी जाती है। इसके अलावा श्रम पुरस्कार विजेताओं को जनरल और स्लीपर कोच में 75 प्रतिशत की छूट मिलती है।
पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरू करने या कोई अन्य ट्रेन बहाल करने के लिए प्रदेश सरकार की अनुमति लेनी होगी। कोरोना वायरस का प्रसार न हो इसका भी ख्याल रखना बेहद जरूरी है। फिलहाल स्पेशल के नाम से जो ट्रेनें चल रही हैं, उन्हें पुराने नबंर और पुराने किराये पर चलाने के अलावा कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।
- दीपक कमार, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर रेलवे