कागजों में बुजुर्ग महिला को मृत दर्शाने करने वाले मिलक के तत्कालीन लेखपाल को जिलाधिकारी ने निलंबित कर उनके खिलाफ जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जिलाधिकारी ने इस मामले में एसडीएम को भी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि सत्यापन में इस तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मिलक तहसील की असदुल्लापुर निवासी 75 साल की पुनिया देवी ने मंगलवार को तहसील दिवस में जिलाधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर कहा था कि मैं जीवित हूं और मृत दर्शाकर मेरी विधवा पेंशन बंद कर दी गई है। जिलाधिकारी ने इस मामले में सत्यापन करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे।
जिलाधिकारी के आदेश के बाद बुधवार को जांच कराई गई कि महिला को किसने मृत घोषित किया था। जिलाधिकारी आन्जनेय कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में मिलक में तैनात रहे लेखपाल राम प्रसाद को निलंबित कर दिया गया है, जिनकी वर्तमान तैनाती टांडा में हैं।
उन्होंने बताया कि लेखपाल ने सितंबर 2019 में महिला को मृत घोषित कर इसकी रिपोर्ट भेज दी थी। इस वजह से महिला की विधवा पेंशन बंद हो गई थी। उन्होंने कहा कि लगभग डेढ़ साल से महिला की पेंशन बंद है। ऐसा नहीं है कि वह तहसील स्तर के अधिकारियों से मिली नहीं होगी। किसी ने उसकी सुनवाई नहीं की।
यह बहुत की गंभीर मामला है। इसको लेकर उन्होंने एसडीएम मिलक को भी चेतावनी जारी की है। जिलाधिकारी ने बताया कि महिला की पेंशन बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जब से उसका पेंशन बंद तब से जोड़कर उसकी पूरी राशि उसे खाते में डाली जाएगी।