सरकार स्वच्छता पर पूरा ध्यान दे रही है। प्रशासन भी स्वच्छता के नाम पर पानी की तरह पैसा बहा रहा है। जगह-जगह सार्वजनिक शौचालय बनवा रहा है। लेकिन शौचालय किसी काम के नहीं हैं क्योंकि अधिकांश में ताले लटके हैं। ग्राम पंचायतों के बनकर तैयार हुए सामुदायिक शौचालयों का यही हाल है।
गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए सरकार की ओर से ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए जिले के सभी ब्लाकों की 568 ग्राम पंचायतों में 44 करोड़ की लागत से सामुदायिक शौचालय बनने हैं। 354 ग्राम पंचायतों में इनका निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और दो माह पूर्व क्षेत्रीय विधायक, जन प्रतिनिधि या विभागीय अधिकारी ने उनका उद्घाटन कर जनता के प्रयोग के लिए सार्वजनिक कर दिया है।
लेकिन दो माह बाद भी लोगों को इनका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। ज्यादातर शौचालयों पर अब तक ताले लटके हैं। ग्राम पंचायतों में बनने वाले शौचालयों में 91 ग्राम पंचायतों में दो सीटों वाले, 363 ग्राम पंचायतों में चार सीटों वाले, 114 ग्राम पंचायतों में छह सीटों वाले सामुदायिक शौचालय बनाए जा रहे हैं। 354 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
ऐसा है शौचालयों का हाल
कुंदरकी ब्लाक की रतनपुर कलां ग्राम पंचायत में लाखों रुपये खर्च करके सामुदायिक शौचालय बनवाया गया है। दो महीने से ज्यादा बीत चुके हैं लेकिन अब तक उस पर ताला लटका हुआ है। रतनपुर कलां ग्राम पंचायत में रविवार के बाजार में शौचालय बना हुआ है। वहीं पर उसके बराबर में टेंपो स्टैंड है।
रतनपुर से पाकबडा के लिए टेंपों चलते हैं, बाहर से आने वाली सवारियों को काफी दिक्कत होती है। वहां पर कोई दूसरा शौचालय नहीं है। मुरादाबाद ब्लाक की ग्राम पंचायत बकैनिया माफी और मनोहरपुर में बने सामुदायिक शौचालयों पर ताला लटका हुआ है। शौचालय बंद होने की वजह से लोगों को काफी परेशानी होती है। सरकार के आदेश के बाद शौचालयों का निर्माण तो करा दिया गया है। लेकिन अब तक वह प्रयोग में नहीं आ रहे हैं।
ग्राम पंचायतों में प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया है। ग्राम पंचायत की ओर से सामुदायिक शौचालयों की देखरेख के लिए मानदेय पर एक महिला का चयन किया जाएगा। जिसको ग्राम पंचायत द्वारा मानदेय दिया जाएगा। ज्यादातर ग्राम पंचायतों में महिलाओं का चयन हो चुका है। जिन सामुदायिक शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है। उनको जल्द ही सुचारु रुप से शुरू कर दिया जाएगा।
- राजेश कुमार डीपीआरओ मुरादाबाद
बोले ग्रामीण...
सामुदायिक शौचालय को बने हुए दो माह से ज्यादा हो चुके हैं। लेकिन इसे लोगों को लिए खोला नहीं गया है। यहां पर बाजार में बाहर से लोग आते हैं। जिनको शौचालय बंद होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
- शमसाद हुसैन, रतनपुर कलां
जब लोगों के लिए शौचालय को खोलना नहीं था। तो इसका निर्माण क्यों कराया गया है। लाखों रुपये इसके निर्माण पर खर्च किए गए। उसके बाद भी लोगों को इसकी सुविधा नहीं मिल रही है।
- शरीफ अहमद, रतनपुर कलां
जब से सामुदायिक शौचालय का निर्माण हुआ है। तब से ही यह बंद पड़ा है। शौचालय लोगों के लिए बनाया गया है। तो फिर इसे चालू क्यों नहीं किया जा रहा है। लाखों रुपये बर्बाद ही हो रहे हैं।
- शेर सिंह मनोहरपुर गांव निवासी ब्लाक मुरादाबाद
सामुदायिक शौचालय लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया है। जिसका निर्माण भी पूरा हो चुका है। उसके बाद भी यह बंद है। जब इसको लोगों के लिए खोलना नहीं था। तो इसको बनाया क्यों गया।
- डब्लू, मनोहरपुर
दो महीने पहले शौचालय का उद्घाटन हुआ था। लेकिन उसके बाद से ही ताला लटका हुआ है। लोग इसका प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में खुले में मलमूत्र त्याग न करने के जागरूकता अभियान बेकार ही हैं।
- गुलाम नवी, बकेनिया गांव
जब से शौचालय बना है। तब से बंद है। लाखों रुपये की लागत जनसुविधा के लिए लगाई गई है तो इसको खोलना चाहिए। बाजार में घूमने वाले लोग या खेतों की ओर जाने वाले लोग इसका प्रयोग कर ही नहीं पा रहे।
- शानेरब, बकैनिया