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Moradabad News: जहां गन्ना आरक्षित है, उसी क्षेत्र के किसान को दिया जाए बीज

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मुरादाबाद। प्रदेश के अपर गन्ना आयुक्त (समितियां) एवं नोडल अधिकारी वीरेंद्र बहादुर सिंह रविवार को गन्ना उत्पादक क्षेत्र मुरादाबाद पहुंचे। उन्होंने यहां गन्ना एवं चीनी विभाग से जुड़े अफसरों के साथ बैठक करने के साथ साथ संभल व अमरोहा जिले की चीनी मिलों और किसानों द्वारा आरक्षित किए गन्ने का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जहां गन्ना आरक्षित किया गया है, वहां से उसी क्षेत्र के किसानों को बीज दिया जाए, साथ ही सीड ट्रैकिंग एप से गन्ना बीज वितरण की निगरानी भी की जाए।
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अपर गन्ना आयुक्त वीबी सिंह ने उप गन्नायुक्त हरपाल सिंह व अन्य अधिकारियों के साथ चीनी मिल गजरौला-हसनपुर के गांव मिलक नाईपुरा में किसान महावीर सिंह के पेडी के खेत में गन्ना किस्म सीओ-0118 में फेरोमोन सोलर ट्रैप व ट्रेंच प्लॉट को देखा। खजुरी गांव में राहुल कुमार के खेत में आरक्षित गन्ना बीज सीओ-एलके 16202, को.शा 18231, कोशा 19231 के खेतों का भी निरीक्षण किया। इसी गांव के एक किसान के खेत में कोशा 18231 की सिंगल बड से पाॅली हाउस में तैयार 50 हजार पौध को भी देखा। सीओ-एलके 16202 के ट्रेंच प्लांट एवं कोशा 18231 सिंगल वड ट्रेंच विधि से मानसून कालीन प्लांट भी देखे। देखने को मिला किसान इस बार सीओ-0238 का विकल्प बन रही अगैती किस्मों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
देहरी जाट गांव में कई किसानों के गन्ना खेतों को देखने के बाद किसान रमेश सिंह के किसानों को संबोधित करते हुए नोडल अधिकारी ने कहा कि किसानों से गन्ना किस्म सीओ-0238 को विस्थापित करना बहुत जरूरी है, अन्यथा इससे किसान व चीनी मिल दोनों को ही नुकसान होगा। उन्होंने असमोली चीनी के ग्राम अखबंदपुर में किसान राजपाल सिंह के बसंतकालीन गन्ना बोआई में ट्रेंच विधि से बोए गए खेत व भावलपुर बांसली में गंगाराम सिंह द्वारा गन्ना किस्म सीओ.0118 व 13235 की सिंगल बड विधि से तैयार 15000 पौध का भी जायजा लिया। उन्होंने आरक्षित गन्ना बीज की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए चीनी मिल प्रतिनिधियों कोे निर्देश दिए कि प्लाट में पानी एवं यूरिया का प्रयोग करते रहें ताकि उसमें ग्लूकोज की मात्रा बनी रहें।
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