मुरादाबाद। चार अरब डॉलर के हैंडीक्राफ्ट और लाइफस्टाइल उत्पादों के निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ का गंभीर असर है। छोटी फैक्टरियों पर कारोबार बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। हम सब मिलकर दुनिया में नए बाजार तलाशेंगे और दूसरे देशों के मुताबिक उत्पाद बनाएंगे। छोटे व मंझले कारोबारियों का काम बंद नहीं होने देंगे।
बाइंग एजेंट्स एसोसिएशन (बीएए) के वाइस चेयरमैन मुरादाबाद निवासी सुमित छाबड़ा ने यह बातें ट्रंप के टैरिफ से निर्यातकों के सामने उपजी चुनौतियों व समाधान को लेकर दिल्ली में महासम्मेलन में कही। इसमें ईपीसीएच समेत देशभर के निर्यात संगठनों ने हिस्सा लिया। मुरादाबाद, संभल, रामपुर, सहारनपुर, जयपुर, जोधपुर, दिल्ली समेत देशभर से कारोबारी इस महासम्मेलन में जुटे। बीएए की चेयरपर्सन रूमा मलिक ने कहा कि हम अपने उद्योग को फिर से खड़ा करेंगे। हम न केवल विशाल घरेलू बाजारों में, बल्कि दुनिया भर के उभरते बाजारों में भी अपने उद्योग को बढ़ाने और विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। महासचिव अंचल कंसल ने कहा कि हस्तशिल्प क्षेत्र लाखों परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। यह टैरिफ हमारे कारीगरों और संपूर्ण सप्लाई चेन के लिए अस्तित्व का संकट बन गए हैं। सरकार तक हमारी आवाज पहुंचाने और आवश्यक सहायता के लिए सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी है। बीएए व निर्यात संगठनों ने संकल्प लिया कि वह साझा प्रयास करेंगे जिससे कारोबार पर पड़ने वाला असर न्यूनतम हो सके और लोगों की नौकरियां सुरक्षित रहें।
00
रोड शो में ईपीसीएच का सहयोग करेगा बीएए
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद विभिन्न देशों में रोड शो करेगी। इसमें बीएए निर्यात संगठनों का सहयोग करेगी। ईपीसीएच के अध्यक्ष नीरज खन्ना ने कहा कि गल्फ, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और साउथ अमेरिका में अवसरों की तलाश की जा रही है। हम इन क्षेत्रों में पहुंच बनाने के लिए रोड शो आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। बीएए ने कहा कि निर्यातकों को इन बाजारों की विशेष मांगों के अनुसार उत्पाद विकसित करने में उनके सदस्य सहयोग प्रदान करेंगे।
00
बैठक में यह संगठन रहे मौजूद
- एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल्स - ईपीसीएच, एसईपीसी, टेक्सप्रोसिल, प्लेक्सकोंसिल, एईपीसी, सीईपीसी, एचईपीसी, एसोसिएशन और सोर्सिंग एजेंसियां, रॉस स्टोर्स, फ्लैटवर्ल्ड, ट्राइबर्ग, इंपल्स, इंडस वैली, सीसीआई आदि।