मुरादाबाद। गैंगस्टर के आरोपियों को जमानत दिलाने के लिए जमानती के दस्तावेज पर थानेदार के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर लगाकर सत्यापन करने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
भोजपुर थाने की पुलिस ने गोकशी के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद आरोपी सद्दाम निवासी चमरोआ खानपुर मूंढापांडे, जफर निवासी मोहल्ला बब्बनपुरी कस्बा टांडा जनपद रामपुर, आरिफ निवासी सेडूवाला थाना टांडा जनपद रामपुर और गुड्डू निवासी मातीपुर थाना मूंढापांडे के खिलाफ भगतपुर थाने में गैंगस्टर में केस दर्ज किया गया था। इसी दौरान तत्कालीन एसएसपी को सूचना मिली थी कि आरोपियों को जमानत दिलाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया है। इसके बाद उन्होंने थाना प्रभारी को निर्देश दिए गए थे कि जिन आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। उनके मुख्य मुकदमे में जिन लोगों ने जमानत के दस्तावेज पेश किए हैं। उनका दोबारा से सत्यापन किया जाए। इस आदेश के बाद भगतपुर थाना पुलिस ने गोकशी के आरोपी को जमानत देने वालों के दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में पता चला कि जिन दस्तावेजों को थाने में सत्यापन के लिए भेजा गया था। उन्हें थाने न भेजकर आरोपी के पैरोकार ने स्वयं थाने की मुहर और थाना प्रभारी के हस्ताक्षर करके सत्यापन कर कोर्ट में दाखिल कर दिया था। भगतपुर थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर देकर गैंगस्टर के आरोपी जफर, सर्वेश निवासी पीतल बस्ती थाना कटघर और खिलेन्द्र सिंह निवासी चक्कर की मिलक थाना सिविल लाइंस व दो अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है। एएसपी अनिल यादव ने बताया कि थाना प्रभारी भगतपुर की ओर से आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।