जब आप किसी से प्रेम करते हैं तो उसके प्रति समर्पण और उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना नैतिक दायित्व बन जाता है। अपने साथी के सपनों को पूरा करना उसके खास होने का अहसास दिलाता है। ये कहना है नवाबपुरा निवासी शांतनु भटनागर का। उन्होंने अपनी साथी शिवानी की उम्मीदों को न सिर्फ पूरा किया है, बल्कि आज जीवनसाथी बनकर हर पल को खुशी के साथ जी रहे हैं। इस वेलेंटाइन डे सप्ताह के तीसरे दिन प्रस्तुत है शांतनु और शिवानी की प्रेम कहानी...
शांतनु पढ़ाई में औसत थे, लेकिन शिवानी पढ़ने में होशियार थीं। बीटेक की सेकेंड ईयर आते-आते अच्छे दोस्त बन गए।जब शिवानी ने पढ़ाई को लेकर उनसे कहा तो उन्होंने वादा किया कि अच्छे अंकों से पास होकर दिखाऊंगा। इसके बाद न सिर्फ शांतनु प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए, बल्कि उनके बनाए प्रोजेक्ट को तत्कालीन प्रदेश सरकार से फंड भी मिला था। शांतनु ने कहा कि इसी बीच बीटेक भी हो गई।
जब एक-दूसरे से मिलना बंद हुआ तो उन्हें उस साथ की कमी अखरने लगी। उस वक्त शांतनु को अहसास हुआ कि शायद वह शिवानी से प्यार करने लगे हैं। फोन पर बात करते हुए जब उन्होंने शिवानी को अपने मन की बात कही तो वह चौंक गईं। इस रिश्ते में आगे बढ़ने से शिवानी डर रही थीं।शांतुन ने कहा कि अलग-अलग समुदाय से होने के अलावा स्तरीय नौकरी न होना कारण था। पहले शांतनु के परिजन भी राजी नहीं थे।
शिवानी के परिजनों को बस इसी बात का डर था कि ऐसी परिस्थिति में क्या बेटी का भविष्य सुरक्षित रहेगा, क्योंकि वह अपने परिवार में तीन भाईयों की इकलौती बहन हैं। शांतनु अपने परिवार में सबसे बड़े और शिवानी सबसे छोटी हैं। बाद में उन्होंने शिवानी से वायदा किया कि वह अच्छी नौकरी प्राप्त कर लेंगे। उन्होंने नौकरी के वायदे को पूरा किया।